बीट कर्मचारियों की फाइल पर हस्ताक्षर न करने और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर शुरू किया धरना गुरुवार को बिना किसी नतीजे के ही स्थगित हो गया। 10 दिन के लिए धरना स्थगित होना इस बात का भी संकेत है कि अभी अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र वर्मा काम करते रहेंगे। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की एंट्री से धरने का इंटरवल हो गया।
धरना स्थगित कराने से पहले पार्टी के अस्पताल मार्ग स्थित वॉर रूम से लेकर हैरिटेज नगर निगम मुख्यालय का सियासी पारा चढ़ा रहा। दोपहर को खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह, जलदाय मंत्री महेश जोशी, विधायक अमीन कागजी और रफीक खान ने प्रदेश प्रभारी से मुलाकात की। इसके बाद प्रभारी से महापौर और पार्षद मिले। मंत्री जोशी दो बार निगम मुख्यालय पहुंचे। महापौर से चर्चा की और शाम को महापौर ने धरना स्थगित करने की घोषणा की।
हमने जो बातें बताईं, उसके लिए प्रदेश प्रभारी ने दो दिन का समय मांगा था। हम सभी ने 10 दिन के लिए कहा। आने वाले दिनों में बकरीद भी है। प्रदेश प्रभारी पर हमें पूरा विश्वास है और उम्मीद है, उनकी जांच में सब साफ हो जाएगा और हमारी जीत होगी।
-मुनेश गुर्जर, महापौर