
ज्यादा इस्तेमाल से टूट रही पिच, स्पिनर होंगे गेम चेंजर
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग सीजन १३ इस बार संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित हो रहा है। इसमें तीन स्टेडियम शारजाह, अबुधाबी और दुबई में ये आयोजन हो रहे हैं। करीब आधे मैच खेले जा चुके हैं ऐसे में सभी मैदानों के विकट धीमें हो चुके हैंं और अब स्पिनर्स की आने वाले मैचों में प्रमुख भूमिका रहेगी। हालांकि इस सीजन में अभी तक तेज गेंदबाजों को दबदबा है लेकिन आगे के मैचों में हो सकता है स्पिनर्स इन्हें पीछे छोड़ दें। लीडरबोर्ड पर नजर डालें तो टॉप-२० गेंदबाजों में युजवेन्द्र चहल, राशिद खान, रवि विश्नोई, अक्षर पटेल, रविचंद्रन अश्विन, राहुल चाहर और मुरुगन अश्विन स्पिनर्स ने अपना लोहा मनवाया है।
सही तरीके से प्लान नहीं किए गए
तीन मैदान होने के चलते पिचों को टूटना आम बात है और ऐसे में दूसरी पिचों को रोटेट करना एक अहम चीज साबित हो सकता है। भारत के कुछ पिच क्यूरेटरों ने एजेंसी से कहा कि पिचें स्पिनरों की मददगार होंगी और इसका कारण सीमित मैदान और मौसम ही नहीं है लेकिन इसलिए भी क्योंकि मैच सही तरह से प्लान नहीं किए गए। शुरुआत में लगा था कि बीसीसीआई ने टूर्नामेंट अच्छे से प्लान किया है। उन्होंने शारजाह में सिर्फ 1२ मैच रखे हैं। इस मैदान पर सिर्फ तीन पिच हैं। इसलिए उन पर ज्यादा दबाव नहीं होगा। अबू धाबी और दुबई में ज्यादा मैच खेले जाने हैं और यहां रोटेशन के लिए ज्यादा पिचें हैं।
एक ही मैदान पर लगातार मैच
एक क्यूरेटर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, मैंने जो सुना है वो हो नहीं रहा है। वहां सीमित पिचें ही हैं- एक जगह तीन ज्यादा से ज्यादा, जिनका उपयोग किया जाता है। दुबई में 24 मैच होने हैं जबकि अबू धाबी में 20। उन्होंने कहा, अच्छा यही था कि उन्हें एक ही मैदान पर लगातार मैच नहीं रखने चाहिए थे। पिचें रोटेट की जाएं या नहीं लेकिन एक ही मैदान पर लगातार मैच होते आ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर बुधवार को दुबई में राजस्थान और दिल्ली का मैच खेला गया। इसी मैदान पर मंगलवार को ही चेन्नई और हैदराबाद का मैच खेला गया था। इस तरह के कुछ और उदाहरण हैं।
तीन के मुकाबले भारत में 8 मैदान
यह समस्या इसलिए हो रही है क्योंकि कोविड-19 के कारण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आईपीएल खेला जा रहा है और जहां मैदान कम हैं। अगर यह लीग भारत में ही होती तो आठ मैदानों पर मैच खेले जाते। जब रोटेशन के बारे में पूछा गया तो बीसीसीआई की पिचों और मैदान समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि चीजें तब मुश्किल हो जाती हैं जब सीमित मैदान हों। यह हैरानी वाली बात है कि बीसीसीआई ने बाकी विभागों के अधिकारी तो यूएई भेजे लेकिन एक भी क्यूरेटर नहीं ले गई। पिछली बार 2014 में जब यूएई में आईपीएल हुआ था तो पीआर. विश्वनाथन क्यूरेटर वहां गए थे।
चेन्नई ने हैदराबाद के खिलाफ उतारे तीन स्पिनर्स
चेन्नई सुपर किंग्स ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ तीन स्पिनर उतारे थे। इनमें से दो ने तीन अहम विकेट ले चेन्नई की जीत में अहम योगदान दिया। चेन्नई की अंतिम-11 में तीन स्पिनर- रवींद्र जडेजा, पीयूष चावला और कर्ण शर्मा का शामिल किया जाना यह संकेत है कि स्पिनर और धीमी गति के गेंदबाज आगे जाकर टूर्नामेंट में अहम रोल निभाने वाले हैं। मैच के बाद हैदराबाद के गेंदबाजी कोच मुथैया मुरलीधरन ने कहा था, स्पिनर आगे जाकर अहम रोल निभाएंगे। विकेट टूट गई हैं। तीन पिचें (मैदान) है, इसलिए वो टूटेंगी।
Published on:
18 Oct 2020 07:42 am
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