
जयपुर.
प्रताप नगर सेक्टर 26 में पुलिस की सूचना पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के वैज्ञानिक मौके पर पहुंचे। साक्षी के भाई शुभम ने बताया कि एफएसएल टीम के साथ वे भी किराए के भूतल पर बने घर के अंदर गए। वहां पर जहर की सात आठ पुड़ी पड़ी थी, जिनमें तीन चार खोलकर हलवे में मिलाई गई थी। एफएसएल टीम के मुताबिक शनिवार रात एक बजे से सुबह पांच बजे के बीच में हलवा बनाया गया। शुभम ने बताया कि जीजा देर रात को कुछ न कुछ बनाकर खाने का शौक रखता था। जीजा ने गेहूं के आटे के हलवे में जहर मिला दिया और साक्षी, बेटे अर्थव व बेटी निया को खिला दिया। हलवा खाने पर निया ने उलटी कर दी। एफएसएल को मौके पर चॉकलेट भी मिली। आशंका है कि उलटी होने के बाद निया को चॉकलेट में जहर मिलाकर खिलाने का प्रयास किया गया। एफएसएल टीम ने मौके से कई नमूने जांच के लिए उठाए हैं। मनोज का परिवार मूलत: हिण्डौन निवासी है। लेकिन मनोज के पिता का मानसरोवर में कृष्णा सरोवर में मकान है। कई वर्षों से परिवार जयपुर में ही रहा है।
सुसाइड नोट या डायरी में लिखा
पुलिस को कमरे में एक डायरी भी मिली है, जिसमें मनोज ने कर्जे के संबंध में लिख रखा है। वहीं रिश्तेदारों ने बताया कि मनोज ने पुलिस को बयान दिए, जिसमें कहा कि कर्जे से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है। मनोज ने डायरी में कई लोगों के संबंध में लिख रखा है। लेकिन डायरी पुलिस ने जब्त कर ली।
एसी भी लगवाया, पुलिस आई तो पता चला
प्रताप नगर में स्थानीय लोगों ने बताया कि मनोज तीन माह पहले यहां किराए से रहने आया था। मकान मालिक अतुल शर्मा मूलत: भरतपुर निवासी है और तीन दिन पहले ही वह परिवार सहित गांव माता-पिता के पास गया था। रविवार दोपहर को यहां पर पुलिस आई तक घटना का पता चला। मनोज ने एसी भी लगवाया था। परिवार किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं करता था।
Published on:
27 Aug 2023 10:48 pm

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