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जिस दूध को सरस डेयरी ने जांच के बाद शुद्ध बताया, वह दूध फूड डिपार्टमेंट की जांच में अनसेफ

दूध पीने से कैंसर सहित कई गंभीर बीमारी होने का खतरा, किडनी, लीवर, फेफड़े और हृदय को नुकसान पहुंचता, क्राइम ब्रांच ने कौथुन में सरस डेयरी के संग्रहण केन्द्र पर 1000 लीटर दूध पकड़ा था, अब पुलिस ने मामला दर्ज किया  

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क्राइम ब्रांच ने सरस डेयरी के दूध संग्रहण केन्द्र पर पकड़ा 1000 लीटर दूध सिंथेटिक निकला। क्राइम ब्रांच ने मिलावटी दूध होने की आशंका पर कार्रवाई की और मौके पर सरस व फूड डिपार्टमेंट के अधिकारियों को बुला लिया। सरस डेयरी के अधिकारियों ने दूध के सेम्पल लेकर उसे जांच के बाद शुद्ध बताया था। लेकिन फूड डिपार्टमेंट ने सोमवार रात का जारी की जांच रिपोर्ट में दूध को सिंथेटिक होना बताया। इतना ही नहीं इस दूध के सेवन से कैंसर सहित कई अन्य गंभीर बीमारी होने का खतरा है। इतना ही नहीं दूध के सेवन से किडनी, लीवर, फेफड़े और हृदय को नुकसान पहुंचता है।

मृत कीट व गंदगी भी मिली

एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि फूड डिपार्टमेंट द्वारा सेठी कॉलोनी जयपुर स्थित स्टेट सेंट्रल पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री से जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार सैंपल के लिए गए दूध में मृत कीट तथा रेत और गंदगी के कण पाए गए। जांच रिपोर्ट में दूध को अनसेफ बताया है। उन्होंने बताया कि कैथवाड़ा व दौसा में बरामद दूध और पनीर की भी जांच रिपोर्ट आ गई। यहां मिले दूध व पनीर को सिंथेटिक होना बताया है।

सरस डेयरी में कैसे सिंथेटिक दूध को जांच के बाद पास हो रहा

एमएन ने बताया कि कौथुन में मिले मिलावटी दूध के संबंध में अब एसएचओ की ओर से आईपीसी की धारा 188, 272, 273, 328 में 120बी के अंतर्गत थाना चाकसू पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मिली भगत के इस बड़े खेल में जयपुर डेयरी के अधिकारियों, बीएमसी और नकली/मिलावटी और सिंथेटिक दूध के सप्लायरों के बीच गठजोड़ की भूमिका की जांच की जाएगी। सरस डेयरी प्रशासन के किस व्यक्ति की मिली भगत से नकली और सिंथेटिक दूध जांच में पास होकर आसानी से खप रहा है। इसमें बड़े गिरोह के होने की पूर्ण आशंका है। क्राइम ब्रांच जल्द ही इसका भी खुलासा करेगी। गौरतलब है कि क्राइम ब्रांच ने कौथुन में गोविंद नारायण जाट नाम के व्यक्ति की बीएमसी 0958 पर छापा मार एक पिकअप में रखे पानी के ड्रम से 1000 लीटर दूध पकड़ा था।

केमिकल, तेल व यूरिया से तैयार करते दूध

एमएन ने बताया कि सिंथेटिक दूध में विभिन्न केमिकल, तेल और यूरिया सहित कई हानिकारक चीजें इस्तेमाल की जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए धीमे जहर का काम करता है। इससे कई गंभीर बीमारियों के साथ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकार हो सकता है।