
आरोपी प्रमोद शर्मा (बाएं) के डीआइजी लक्ष्मण गौड़ (दाएं) से गहरे संबंध।
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (जयपुर ग्रामीण) की गिरफ्त में आया मालवीयनगर निवासी आरोपी प्रमोद शर्मा भरतपुर सहित धौलपुर और सवाई माधोपुर जिले के थानेदारों को फोन कर रकम मांगता था। ब्यूरो अब डीआइजी सहित अन्य अफसरों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
एसीबी के एडीजी सौरभ श्रीवास्तव के अनुसार तीनों जिलों से पुख्ता सूचना मिली थी कि डीआइजी लक्ष्मण गौड़ के आवास पर रहने वाला प्रमोद फोन पर थानेदारों से बात करता है। फिर संपर्क कर डीआइजी का सान्निध्य मिलने और एसीआर उत्कृष्ट भरने के नाम पर रुपए मांगता है। इस बीच उद्योगनगर थानेदार ने शिकायत दे दी। एसीबी जांच में पता चला कि प्रमोद कई अफसरों के लिए उगाही करता था। एडीजी ने बताया कि अन्य लोगों से भी ऐसी जानकारी आई थी, जिनका नाम गोपनीय रखा गया है।
वाट्सऐप कॉल न करो तो धमकाता था
एसीबी के अनुसार डीआइजी के बंगले से प्रमोद थानेदारों को संतरी से फोन करवाता। संतरी प्रमोद से बात करवाता। प्रमोद अपने नंबर देकर वाट्सऐप कॉल करने के लिए कहता। नहीं करने पर डीआइजी के बंगले से फोन कर धमकाता था। एसीबी ने गुरुवार को प्रमोद को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसीबी कोरोना जांच की रिपोर्ट मिलने पर जेल पहुंचाएगी।
एसीबी इनकी भी कर रही जांच
- आरोपी प्रमोद की कमाई अधिक नहीं है, फिर भी आलीशान बंगला बना लिया। पैसे कहां से लाया?
- डीआइजी और प्रमोद में ऐसा क्या नाता था कि वह उनके बंगले पर रहता था?
- डीआइजी के बंगले से आए दिन कई थानेदारों को फोन करता था, डीआइजी की नाक के नीचे यह होता रहा और उन्हें भनक तक नहीं लगी? फिर वे जिम्मेदारी क्या संभाल रहे थे?
Published on:
26 Jun 2020 01:42 pm
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