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बंद अंधेरे कमरे में जैल लगाकर करते थे गंदा काम, 40 से अधिक मामले, अब आए गिरफ्त में

एक दलाल सहित दो गिरफ्तार

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jaipur

बंद अंधेरे कमरे में जैल लगाकर करते थे गंदा काम, 40 से अधिक वारदात को दिया अंजाम, अब आए गिरफ्त में

विकास जैन / जयपुर। राज्य पीसीपीएनडीटी दल ने बुधवार देर रात डिकॉय कार्यवाही करते हुए फर्जी तरीके से भ्रूण परीक्षण कर ठगी करते कोटपूतली के नारेड़ा निवासी लैब संचालक ओमप्रकाश यादव एवं हरसौरा मांजरा निवासी दलाल सुरेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया है। मुखबिर के माध्यम से दल को सूचना मिल रही थी कि दौसा, अलवर, भरतपुर जिले में कुछ दलाल गर्भवती महिलाओं का भ्रूण जांच कराते हैं। दलालों से फोन पर बात कर सूचना सत्यापन कराया गया।

निर्धारित रणनीति के अनुसार डिकॉय गर्भवती महिला व सहयोगी को तयशुदा 25 हजार की डिकॉय राशि को लेकर भेजा गया। दलाल सुरेन्द्र ने डिकॉय गर्भवती महिला व सहयोगी को दौसा के कलक्ट्री सर्किल पर बुलाया। वहां से वाहन से दलाल डिकाय गर्भवती व सहयोगी को लेकर शाम को कोटपूतली के नारेड़ा पहुंचे।

दलाल ले गया लैब पर

अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी नवीन जैन ने बताया कि नारेडा में दलाल सुरेन्द्र वहीं पर नीलकंठ लैब पर ले गया। वहां देर रात लैब टेक्नीशियन ओमप्रकाश ने कमरे में अंधेरा कर जैल लगाकर डिब्बीनुमा वस्तु से गर्भवती महिला की जांच कर मनगढंत रूप से भ्रूण की जानकारी दी। इशारा मिलते ही टीम ने दोनों दलालों को गिरफ्तार करते हुए, जैल, डिब्बीनुमा वस्तु एवं जांच की एवज में ली गई राशि के हूबहू नोट भी बरामद कर लिये हैं। जांच में पता चला है कि दलाल सुरेन्द्र का राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, दौसा सहित हरियाणा के कुछ जिलों में भी नेटवर्क फैला हुआ था। अब तक उसने करीब 40 से अधिक मामले फर्जी भ्रूण जांच करवाई है।

ठगी का गिरोह भी सक्रिय

जैन ने बताया कि बेरोजगार और मेडिकल क्षेत्र से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े कुछ लोग दलालों के माध्यम से फर्जी तरीके से भ्रूण जांच कराने का नेटवर्क बनाकर गर्भवती और परिवार को वेबकूफ बनाकर ठगी करते हैं। उन्होंने बताया कि समाज में बेटे को प्राथमिकता की संकीर्ण और घृणित सोच ही इस व्यापार का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने बताया कि कई बार यह भी देखने को मिलता है कि भ्रूण जांच की ठगी करते हुए भ्रूण को गिरा दिया जाता है। राज्य दल ने अब तक 37 इंटरस्टेट सहित 125 डिकाय आपरेशन कर भ्रूण जांच एवं कोख के हत्यारों को जेल पहुंचाया है। इस कैलेंडर वर्ष की यह अब तक की 29वीं डिकाय कार्यवाही है।