टैक्स चोरी के लिए पैन कार्ड का दुरूपयोग, फर्जी तरीके से पैन नंबरों से फर्म के नाम पर जीएसटी नंबर बनवाए, पैन कार्ड धारक के पास आया 39 लाख रुपए का टैक्स
जयपुर। अगर आप एक प्राइवेट कर्मचारी हैं और 25 हजार रुपए महीना कमाई है। इसके बाद जब आप अपनी इनकम टैक्स रिटर्न भर रहे हो और पता चले आपको 39 लाख टैक्स का भुगतान करना है। तो आपके पैरो तले जमीन खिसक जाएगी। ऐसा ही कुछ हुआ जयपुर के गंगापोल निवासी रामगोपाल जांगीड़ के साथ।
प्राइवेट काम करने वाले जांगिड़ की जानकारी के बिना उनके पैनकार्ड से दिल्ली के व्यवसायी ने फर्म खोल ली। साथ ही फर्म के नाम पर फर्जी तरीके से जीएसटी नंबर बनवा लिया। मार्च से जून तक फर्म ने 7 करोड़ 81 लाख रुपए का व्यापार किया। पीड़ित जब पिछले साल की इनकम टैक्स रिटर्न भर रहा था। तब खुलासा हुआ कि उसके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर करोडों का लेन देन हुआ है और उसे 39 लाख रुपए के टैक्स का भुगतान करना है।
जांगीड ने बताया लाखों के टैक्स के बारे में पता चलने पर जीएसटी विभाग से फर्म के नंबर पता किए। नंबरों पर संपर्क किया तो वह भी गलत निकले। कंपनी के मालिक के नंबर ही नहीं थे। इस चलते फर्म के मालिक से कोई संपर्क नहीं हो पाया। जिसके बाद इनकम टैक्स ऑफिस, जीएसटी ऑफिस में स्पीट पोस्ट व सुभाष चौक थाने में शिकायत दर्ज करवाई। कार्रवाई नहीं होने पर इस्तगासे से सुभाष चौक थाने में शुक्रवार को एफआइआर दर्ज करवाई।