
मुकेश शर्मा / जयपुर. जयपुर ग्रामीण पुलिस ने विदेशी युवती बनकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दिल्ली निवासी दो जालसाजों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली के तुगलगाबाद स्थित बंगाली कॉलोनी निवासी जालसाज नजरुल आलम और महरोली क्षेत्र निवासी शिवम राठौड़ को गिरफ्तार किया है। 1.35 लाख रुपए की ठगी के संबंध में कालाडेरा के साहिबरामपुरा निवासी मनीष कुमार जाट ने इस्तगासा के जरिए रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
प्रकरण साइबर ठगी से जुड़ा होने पर उप अधीक्षक संदीप सारस्वत के सुपरविजन में कालाडेरा थाना पुलिस को सौंपा। टीम ने तकनीकी आधार पर जालसाजों के मोबाइल नंबरों को सर्च किया। ठगी की रकम जमा होने वाले बैंक खातों को खंगाला। तब जाकर आरोपियों तक पहुंचा जा सका।
ठगी के लिए यूं दिया झांसा
एसपी शंकर दत्त शर्मा ने बताया कि आरोपी पहले फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे लोगों के नाम से मोबाइल सिम लेते हैं। उक्त नंबर से फर्जी फेसबुक पर विदेशी महिलाओं के नाम पर आईडी बनाते हैं। फिर ठगी का शिकार बनाने के लिए लोगों को फे्रंड रिक्वेस्ट भेजकर बातचीत करते हैं। बातचीत बढऩे और फिर पीडि़त को भारत आने का झांसा देकर मुसीबत में फंसने की कहकर ऑनलाइन रुपए बैंक खातों में जमा करवाते हैं।
यह दर्ज करवाया था मामला
पीडि़त ने रिपोर्ट में बताया कि फेसबुक पर यूके निवासी रोज डोगल महिला ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। रोज डोगल ने भारत घूमने आने की बात कही। पीडि़ता के घर का पता लिया और भारत आकर मिलने का झांसा दिया। पीडि़त ने रोज को वाट्सऐप नंबर दे दिए। गत 18 दिसम्बर को फोन आया और उसने बताया कि दिल्ली आ गई। उसके पास ज्वैलरी है और टैक्स जमा कराने के लिए 45 हजार रुपए की आवश्यकता है। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही तुम्हारे रुपए दे दूंगी। ऐसे कर परिवादी से कुल 1.35 लाख रुपए ऑनलाइन बैंक खाते में जमा करवा लिए। फिर 2.38 लाख रुपए और मांगे। पीडि़त ने पहले दिए रुपए वापस मांगे तो रोज डोगल ने मोबाइल बंद कर लिया।
सावधानी बरतें
किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार नहीं करें। स्वीकार कर लिया तो उसकी बातों में आकर ऑनलाइन रुपए जमा नहीं करवाएं।
Published on:
10 Jul 2021 07:09 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
