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सरकारी कॉलेज के स्टूडेंट्स बने शरणार्थी,तीन साल से नहीं मिली जगह

जयपुर के सरकारी राजकीय महाविद्यालय के स्टूडेंट्स पिछले तीन साल से रिफ्यूजी बने हुए हैं। दरअसल राजधानी जयपुर में सरकारी कॉलेज के नाम पर मात्र एक ही कॉलेज है,लेकिन कॉलेज के स्टूडेंट्स को अभी तक स्थायी भवन नहीं मिला है।

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Aalok Sharma

Nov 04, 2015

जयपुर के सरकारी राजकीय महाविद्यालय के स्टूडेंट्स पिछले तीन साल से रिफ्यूजी बने हुए हैं। दरअसल राजधानी जयपुर में सरकारी कॉलेज के नाम पर मात्र एक ही कॉलेज है,लेकिन कॉलेज के स्टूडेंट्स को अभी तक स्थायी भवन नहीं मिला है।



जिसके चलते पिछले तीन साल से कॉलेज के स्टूडेंट्स रिफ्यूजी की तरह एक भवन से दूसरे सरकारी शिक्षण संस्था में जाकर अपनी पढाई करने पर मजबूर हैं। हालाकि सरकार इन्हे कॉलेज परिसर के लिए पोद्दार स्कूल में भूमि आवंटित कर चुकी है। लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे यहां आकर आधारशिला रखेंगी,इसी के इंतजार में कॉलेज की बिल्डिंग के लिए शिलान्यास नहीं हो सका है।



तीन साल में बदले तीन शिक्षक संस्था के भवन
जयपुर में राजकीय महाविद्यालय की शुरूआत हुए तीन साल हो चुके हैं। इन ​तीन साल में कॉलेज के स्टूडेंट्स को तीन अलग अलग इमारतों में शिक्षण करने के लिए बैठाया गया है।



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सबसे पहले कॉलेज के स्टूडेंट्स को गोनेर स्थित डाईट में बैठाया गया था। इसके बाद जब डाईट गोनेर ने कॉलेज स्टूडेंट्स को जगह देने से इंकार कर दिया,तो कॉलेज के स्टूडेट्स को सरकार ने खेतान पोलोटेक्नीक कॉलेज के रूप और फर्नीचर इस्तेमाल करने के निर्देश दे दिए।



लेकिन यहां भी कॉलेज प्रशासन का विरोध होने में अन्त में शहर की पोद्दार स्कूल में कॉलेज के स्टूडेंट्स को जगह मुहैया कराई गई। लेकिन यहां भी स्कूल प्रशासन कॉलेज के लिए सरकार की ओर से भूमि आवंटित करने के विरोध में है।





पोद्दार स्कूल में मूक बधिर कॉलेज
पोद्दार स्कूल में पहले संगीत संस्थान चल रहा था,लेकिन दो कॉलेज के स्टूडेंट्स को जगह देने के लिए संगीत संस्थान को शिक्षा संकुल भेज दिया गया। अब पोद्दार कॉलेज में राजकीय महाविद्यालय के साथ मूक बधिर कॉलेज के स्टूडेंट्स को भी रूम और फर्नीचर दिए गए हैं।



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भटक रहे हैं स्टूडेंट्स
राजकीय महाविद्यालय की प्रिंसिपल आशा बागोटिया का कहना है कि तीन साल से कॉलेज के लिए बिल्डिंग और फर्नीचर के लिए सरकार से मांग रखी जा चुकी है,लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है। हालाकि कॉलेज को पोद्दार स्कूल में कॉलेज की बिल्डिंग के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है,लेकिन मुख्यमंत्री के इंतजार में शिलान्यास नहीं हो सका है।



वही स्टूडेंट्स की माने तो राजकीय महाविद्यालय के स्टूडेंट्स राजस्थान विश्वविद्यालय से जुडे कॉलेजों से बेहतर रिजल्ट दे रहा है,लेकिन ​खूद की बिल्डिंग,फर्नीचर और शिक्षकों के आभाव के कारण उनकी पढाई पर काफी प्रभाव पड रहा है। लेकिन सरकार का इस पर कोई ध्यान नहीं है।