
गोविंददेवजी ने किया जलविहार
गोविंददेवजी ने किया जलविहार
- गोविंददेवजी मंदिर में जल यात्रा उत्सव
- ठाकुरजी को लगा ऋतु फलों का भोग
जयपुर। ज्येष्ठ माह में राजधानी के मंदिरों में ठाकुरजी जलविहार (Jalvihar Jhanki) करेंगे। इसकी शुरुआत वैसाख पूर्णिमा पर गुरुवार को आराध्य गोविंददेवजी (Govinddevji Temple) और गोपीनाथ मंदिर (Gopinathji Temple) में जलयात्रा उत्सव के साथ हुई। गोविंददेवजी मंदिर में ठाकुरजी को राजभोग झांकी के बाद जलविहार कराया गया। इस मौके पर ठाकुरजी को सफेद झीनी पोशाक धारण करवाई गई। ऋतु फलों का भोग लगाया गया। हालांकि लॉक डाउन के चलते मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद रहा, भक्तों ने ठाकुरजी के ऑनलाइन ही दर्शन किये।
मंदिर प्रवक्ता मानस गोस्वामी ने बताया कि जलयात्रा उत्सव के साथ जलविहार की झांकियों की शुरुआत हुई। ठाकुरजी को दोपहर में चांदी के फव्वारों से जलविहार कराया गया। ऋतु फलों का भोग लगाया गया। इस दौरान ठाकुरजी को सफेद धोती और दुपट्टा धारण करवाया गया। ठाकुरजी को पांच प्रहार के फलों और हलवे-पूड़ी का भोग लगाया गया। गोस्वामी ने बताया कि अब मंदिर में 5 जून तक ज्येष्ठाभिषेक तक जलयात्रा उत्सव मनाया जाएगा। जेष्ठ माह में जलविहार झांकी में दोपहर साढ़े बारह से एक बजे तक मंदिर के गर्भगृह में सुगंधित जल की धारा प्रवाहित करता चांदी का फव्वारा चलेगा। जल विहार झांकी आधा घंटा के लिए खुली रहेगी। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन ही झांकी के दर्शन करें।
गोविंददेवजी के कब-कब सजेगी झांकियां
गोविंददेवजी मंदिर में अब 12 मई, 17 मई, 18 मई अपरा एकादशी पर, 21 मई, 22 मई, 24 मई व 27 मई और 1 जून, 2 जून, 4 जून और 5 जून को जल विहार झांकियां सजाई जाएगी। इनमें अपरा एकादशी पर 18 मई और निर्लजा एकादशी पर 2 जून को शाम 5 से 5.30 बजे तक जलविहार झांकी सजेगी, बाकि दिन दोपहर 12.30 से दोपहर एक बजे तक जलविहार की झांकी सजेगी।
आज यहां सजेगी जलविहार झांकी
चांदनी चौक स्थित मंदिरश्री आनंदकृष्ण बिहारीजी में ज्येष्ठ प्रतिपदा पर शुक्रवार को जलविहार झांकी सजाई जाएगी। मंदिर पुजारी मातृ प्रसाद शर्मा ने बताया कि ठाकुरजी को फव्वारों के बीच जलविहार कराया जाएगा। आम, लीची, तरबूज, खरबूज सहित रसीले फलों का भोग लगाया जाएगा।
Published on:
07 May 2020 07:03 pm
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