24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर

डोर टू डोर कचरा संग्रहण: फिर पुरानी गलती दोहरा है नगर निगम ग्रेटर

Jaipur Greater Nagar Nigam के तीन जोन में डोर टू डोर कचरा संग्रहण का काम नई कंपनी को देने की आस बंधी है। एक कंपनी ने जगतपुरा, सांगानेर और मानसरोवर जोन के लिए टेंडर डाले हैं। निगम प्रशासन तकनीकी जांच में जुटा है।

Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

Aug 17, 2022

Jaipur Greater Nagar Nigam के तीन जोन में डोर टू डोर कचरा संग्रहण का काम नई कंपनी को देने की आस बंधी है। एक कंपनी ने जगतपुरा, सांगानेर और मानसरोवर जोन के लिए टेंडर डाले हैं। निगम प्रशासन तकनीकी जांच में जुटा है। हालांकि निगम प्रशासन एक बार फिर पुरानी गलती दोहरा है। निगम प्रशासन एक ही फर्म को तीन जोन में काम देने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में भुगतान में कोई कमी रहती है तो तीन जोन का काम प्रभावित होगा।

नगर निगम प्रशासन अब तक मुरलीपुरा और मानसरोवर जोन में डोर टू डोर कचरा संग्रहण का ठेका दे चुका है। इन दो जोन में काम करने वाली कंपनी ने विद्याधर नगर में भी टेंडर डाले हैं। उम्मीद है कि इसी कंपनी को वीडी जोन में भी ठेका दिया जाए। उधर जगतपुरा, सांगानेर और मानसरोवर जोन के लिए ग्रीन टेक कंपनी ने टेंडर डाले हैं। निगम प्रशासन तकनीकी जांच के बाद फाइनेंशियल बिड खोलेगा, जिसके बाद ठेका दिया जाएगा। हालांकि झोटवाड़ा जोन में किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है। ऐसे में निगम यहां अपने स्तर पर कचरा संग्रहण करेगा। आपको बता दें कि निगम इन जोन के लिए पहले भी दो बार टेंडर कर चुका है। लेकिन किसी फर्म ने रुचि नहीं दिखाई। अब एक ही कंपनी ने तीन जोन में काम के लिए बिड डाली है।



ये भी पढ़ें: Door To Door Garbage Collection: नए हूपर लगाए, फिर भी नहीं उठ रहा है घरों से कचरा




पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था

डोर टू डोर कचरा संग्रहण का दो जोन में ठेका होने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। निम को रोजाना दर्जनों शिकायतें सफाई की मिल रही है। जगतपुरा में मंगलवार को पार्षदों ने सफाई नहीं होने से नाराज होकर धरना दिया। निगम प्रशासन ने वार्ता के लिए दो अधिकारियों को भेजा, लेकिन पार्षद धरने से नहीं उठे।

————————————————————

तीन जोन में एक कंपनी ने टेंडर डाले है, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है। जहां तक तीन जोन में एक कंपनी को काम देने का सवाल है तो उच्च स्तर से मिले निर्देश के बाद ही यह निर्णय किया गया है।

मनोज शर्मा, एक्सईएन प्रोजेक्ट, ग्रेटर नगर निगम