
जौहरी बाजार ने दिलाई दुनिया में पहचान, पार्किंग बना गलफांस
जयपुर। जौहरी बाजार देश—दुनिया में जयपुर की शान बढ़ा रहा है। जयपुर की स्थापना के साथ ही बसे बाजार ने जेम्स एंड ज्वेलरी को लेकर देश—दुनिया में अपनी पहचान बनाई। इतना ही बाजार में रोजाना करीब 500 करोड़ का कारोबार भी हो रहा है, लेकिन बाजार में समस्याओं ने न केवल व्यापारियों को, बल्कि यहां आने वाले ग्राहकों को भी आहत कर रखा है।
जौहरी बाजार पुराने पारंपरिक खरीदारी स्थलों में से एक है, जहां लोग ज्वैलरी, कपड़े, किराना के आयटम आदि खरीददारी करने आते हैं, लेकिन बाजार में पार्किंग की समस्या से सब दुखी है। पार्किंग के नाम पर बाजार में 'लूट' मची है। विकास के नाम पर बिना प्लानिंग के लाखों रुपए बर्बाद करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। व्यापारियों की मानें तो बाजार में पार्किंग के नाम पर जैसे लूट मची हुई है। ठेकेदार की मनमानी से दुकानदार परेशान है। बाजार में दिनभर गाड़ियां खड़ी रहती है, इससे ग्राहकों को गाड़ियां खड़ी करने के लिए जगह नहीं मिलती है। इससे अब लोग बाजार में आने से बचने लगे है। पार्किंग ठेेकेदार दो घंटे बाद मनमानी दरें वसूल कर रहा है। इससे बाजार में कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
सब—कुछ है बाजार में
मुख्य जौहरी बाजार में ही करीब 400 दुकानें है, जिन पर रिटेल से लेकर हॉलसेल तक का कारोबार हो रहा है। जेम्स एंड ज्वैलरी से लेकर कपड़े, किराना आदि सब बाजार में उपलब्ध है। यहां पुरोहितजी का कटला कपड़ों का हॉलसेल मार्केट है, जहां दिनभर में करोड़ों का कारोबार होता है। इसके अलावा बाजार में सांगानेरी गेट पर फल मंडी और सब्जी मंडी है, जहां सभी तरह के फलों और सब्जियों की ब्रिकी होती है। व्यापारियों की मानें तो जौहरी बाजार में दो हजार से अधिक दुकानें है।
बाजार में मुख्य कारोबार
ज्वैलरी और कपड़े, आर्टिफिशिल ज्वैलरी का बड़ा बाजार, किराना और फल—सब्जी
बाजार में खास
जौहरी बाजार के कुन्दन, मीना, डायमन्ड की पोलकी की ज्वैलरी, हाथ के कारीगरों से बने चांदी के बर्तन और पारंपरिक राजस्थानी साड़ी और लहंगा दुनिभाभर को लुभा रहे है। बाजार में ज्वैलरी की मैन्युफैक्चरिंग भी हो रही है, जहां स्थानीय कारीगरों के साथ बंगाली और मराठी कारीगर ज्वैलरी बनाने का काम करते है।
जनता से खुलेआम लूट
जौहरी बाजार व्यापार मंडल महामंत्री कैलाश मित्तल का कहना है कि दुनिया में जौहरी बाजार का नाम है, लेकिन बाजार में समस्याओं को लेकर किसी का ध्यान नहीं है। बाजार में पार्किंग की सबसे बड़ी समस्या है, पार्किंग के नाम पर ठेकेदार ने मनमर्जी कर रखी है, जनता से खुलेआम लूट हो रही है। नियम—कायदे एक भी लागू नहीं हो रहे है। 2 घंटे बाद पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। बाजार में अस्थाई अतिक्रमण हो रहे है।
ग्राहकों को नहीं मिलती जगह
व्यापारी कमल रुपानी का कहना है कि जौहरी बाजार में पार्किंग की सबसे बड़ी समस्या है। पार्किंग ठेकेदार गलियों के बाजारों के व्यापारियों की गाड़ियां दिनभर खड़ी रखता है। इससे बाजार में आने वाले ग्राहकों को अपनी गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं मिल पाती है। ट्यूरिस्ट को जगह नहीं मिलती। पार्किंग ठेकेदार दिनभर के लिए गाड़ियों को चार्ज वसूल कर रहा है।
Published on:
11 Aug 2023 11:15 am
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