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जयपुर कला महोत्सव: ग्रामीण जीवन और पुष्कर के पारंपरिक चेहरे बने आकर्षण

Jaipur Kala Mahotsav-राजस्थान विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट डिपार्टमेंट और प्रतिभा एजुकेशनल डवलपमेंट रिसर्च सोसायटी की ओर से जेकेके में आयोजित किए जा रहे पांच दिवसीय जयपुर कला महोत्सव के तीसरे दिन शिल्पग्राम परिसर में कलाकारों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन और फ़ोटोग्राफी कला आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा परिसर में पोस्टर डिजाइनिंग, पेंटिंग, मेहंदी, लैंडस्कैप और डांस की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Nov 20, 2021

जयपुर कला महोत्सव: ग्रामीण जीवन और पुष्कर के पारंपरिक चेहरे बने आकर्षण
शिल्पग्राम में तीसरे दिन कलाकारों ने किया कला का जीवंत प्रदर्शन

राजस्थान विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट डिपार्टमेंट और प्रतिभा एजुकेशनल डवलपमेंट रिसर्च सोसायटी की ओर से जेकेके में आयोजित किए जा रहे पांच दिवसीय जयपुर कला महोत्सव के तीसरे दिन शिल्पग्राम परिसर में कलाकारों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन और फ़ोटोग्राफी कला आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा परिसर में पोस्टर डिजाइनिंग, पेंटिंग, मेहंदी, लैंडस्कैप और डांस की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।

हमारी प्रतियोगिता स्वयं से होती है
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सुधीर वर्मा, मुंबई के वरिष्ठ इमर्ज अर्टिस्ट विनय कुमार और दिल्ली की वरिष्ठ चित्रकार सुमित्रा अहलावत ने पुरस्कृत किया। इस मौके पर सुधीर वर्मा ने कहा की हमारी प्रतियोगिता स्वयं से हैं, यही वजह है कि कलाकार अपनी हर कृति को पहले से बेहतर बनाता है।

शिल्पग्राम परिसर के जयपुर हट क्षेत्र में जयपुर की उर्मिला यादव, मोनिका जलवनिया, दीपिका शेखावत और पंजाब की प्रियंका पोरवाल ने अपने जीवंत प्रदर्शन में राजस्थान के ग्रामीण जन जीवन को केंद्र में रखा है। कहीं कामयचा बजता कलाकारए कहीं अपनी रोबीलि मूंछों और पगड़ी के साथ मुस्कुराता पुरुष तो कहीं राजस्थानी संस्कृति के प्रतीक ऊँट के साथ ग्रामीण जीवन का द्रश्यण् ये कुछ ऐसे चित्र थे जिन्हें देखकर हर कोई आकर्षित हुआ। उधर फोटो अर्टिस्ट रवि कुमावत, महिमा चौधरी और सोनल मोरवानी ने पुष्कर तीर्थ में रहने वाले बाशिंदों के चेहरों के व्यक्ति चित्रों को दर्शाते फोटोग्राफ यहां प्रदर्शित किए हैं।
आकर्षित कर रही है इमर्ज आर्ट
मेला परिसर में मुंबई से आए कलाकारों ने हाउस ऑफ इमर्ज के बैनर तले इमर्जिंग आर्ट के कई बेहतरीन नमूने प्रदर्शित किए हैं। इस आर्ट के तहत अलग अलग डायमेंशंस से देखने पर एक ही कैनवास पर तीन अलग अलग आकृतियां नजर आती हैं। एक पेंटिङ्क्षग को सीधे हाथ वाले कोण से देखने पर उसमें भगवान श्रीनाथ की प्रतिमा नजर आती है तो उल्टे हाथ वाले कोण से देखने पर श्रीनाथ जी की सांझी की झांकी नजर आती है।
ये कृतियां भी हैं आकर्षण का केन्द्र
जयपुर की धर्मेंद्रा शर्मा ने चारकोल और सॉफ्ट पेस्टल से ग्रामीण जनजीवन के पोट्र्रेट और वात्सल्य पर आधारित पोट्रेट को प्रस्तुत किया है। पीठ पर अपने पेट्स को ले जाती महिला को मार्मिक अंदाज में पेश कर धर्मेंद्रा शर्मा ने सुर्खियां बटोरी हैं। दिल्ली की सुमित्रा अहलावत ने पैन से रेखांकन किया है और इसमें नारी का सौन्दर्य और राधा कृष्ण के प्रेम को खूबसूरत अंदाज में दर्शाकर अपनी विशेष छाप छोड़ी है।

कल आयोजित होंगे ये खास कार्यक्रम
कला महोत्सव के मुख्य संयोजक राकेश गुप्ता ने बताया कि समारोह के चौथे दिन शिल्पग्राम परिसर में केलीग्राफी डिजाइनिंग, फोटोग्राफी,रंगोली, नेल आर्ट, गायन और नृत्य की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।