
22 गोदाम पर पहले महात्मा ज्योतिबा फुले की मूर्ति लगी हुई थी। यहां आरओबी बनने से पहले उनकी मूर्ति को सर्किल के किनारे पार्क बनाकर लगाया है।

वहीं अब आरओबी से उतरने के बाद 22 गोदाम सर्कल नहीं पाथ वे शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। यहां एक बड़ा और तीन छोटे फाउंटेन लगाए गए हैं। आकर्षक लाइटिंग भी की गई है।

पाथ-वे के सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो गया है। फाउंटेन के अलावा स्कल्पचर और मेहराब भी लगाए गए हैं। जेडीए अधिकारियों के अनुसार पाथ-वे का काम मई माह में शुरू हुआ था।

यह प्रोजेक्ट करीब तीन माह में पूरा किया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर एक करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

इसे तन्मय अग्रवाल और अंशुल अग्रवाल ने डिजाइन किया है। जल्द ही इसका उद्घाटन होगा। इसके बाद शहर के लोगों के लिए एक नया सेल्फी पॉइंट बन जाएगा।

वहीं अब आरओबी से उतरने के बाद 22 गोदाम सर्कल नहीं पाथ वे शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। यहां एक बड़ा और तीन छोटे फाउंटेन लगाए गए हैं। आकर्षक लाइटिंग भी की गई है।