
जयपुर में बाढ़ नियंत्रण कक्ष में अधूरी तैयारी, पत्रिका फोटो
जयपुर में मानसून को लेकर शहर में बाढ़ नियंत्रण कक्ष शुरू हो गए, लेकिन तैयारी आधी-अधूरी है। कहीं पर्याप्त मिट्टी नहीं पहुंची तो कहीं पूरे संसाधन नहीं हैं। मिट्टी के कट्टे भी दिखावे के ही नजर आए। शहर के बाढ़ नियंत्रण कक्षों का बुधवार को जायजा लिया तो कुछ ऐसी ही स्थिति देखने मिली। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के फोन तक बंद मिले, हालांकि शाम को ये फोन चालू हो गए।
बाढ़ नियंत्रण कक्षों की जिम्मेदारी जोन उपायुक्त सहित अन्य अफसरों को सौंपी गई है। हैरिटेज निगम ने घाटगेट, आमेर व बनीपार्क बाढ़ नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी जोन उपायुक्तों, सहायक अभियंताओं व कनिष्ठ अभियंताओं को सौंपी है। जबकि ग्रेटर निगम ने मानसरोवर, मालवीय नगर, विश्वकर्मा फायर स्टेशन बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अलावा खिरणी फाटक फ्लाइओवर के नीचे बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया है, जिनकी जिम्मेदारी भी जोन उपायुक्तों, सहायक अभियंताओं व कनिष्ठ अभियंताओं को सौंपी है।
घाटगेट- 9057142202
बनीपार्क- 9057142203
आमेर- 9057142201
त्रिमूर्ति सर्कल पर मंगलवार को बारिश के दौरान गड्ढा हो गया, जिसके पास से वाहन दौड़ते रहे, लेकिन दूसरे दिन भी इसे नहीं भरा गया। सिर्फ दो तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई। घाटगेट बाढ़ नियंत्रण कक्ष के बाहर ही गड्ढा हो गया, जहां दूसरे दिन भी पानी भरा रहा, लेकिन मजदूर नहीं होने से दमकल कर्मियों ने ही कुछ मिट्टी के कट्टे डाले।
आमेर फायर स्टेशन पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। यहां दो मड पंप, दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी मिली। 270 मिट्टी के कट्टे मिले, वहीं दो जगह मिट्टी के ढेर मिले। कर्मचारियों ने बताया कि मिट्टी भरने के लिए अभी मजदूर नहीं आए हैं। यहां भी फोन बंद मिला।
घाटगेट फायर स्टेशन पर बनाए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष में 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली व दो मड पंप मिले। 940 कट्टे मिट्टी के भरे हुए थे। जबकि मिट्टी के नाम पर कुछ नहीं मिला। नियंत्रण कक्ष में ट्रैक्टर-ट्रॉली व मड पंप ड्राइवर मिले, जबकि कट्टों में मिट्टी भरने वाला कोई नजर नहीं आया। यहां जेसीबी भी नहीं आई है। यहां फोन भी बंद मिला।
Updated on:
19 Jun 2025 09:06 am
Published on:
19 Jun 2025 09:06 am
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