
कोडुगू जिले को जल्द मिलेंगे विशेषज्ञ चिकित्सक : गुंडूराव
जयपुर। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉॅलेज (Sawai Man Singh Medical College) की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने सोमवार सुबह नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। इससे पहले एक रेजिडेंट डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली थी। महज चार दिन में दूसरा मामला सामने आया है। सोमवार सुबह देर तक रेजिडेंट डॉक्टर नहीं उठी तो परिवार वालों ने जगाने का प्रयास किया। कमरे में जाकर देखा तो वह बेड पर बेसुध पड़ी थी। बेहोशी की हालत में परिजन एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे।
गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया। रेजिडेंट डॉक्टर को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज की प्रथम वर्ष की 29 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर दिलआरा मुंबई की रहने वाली है। टोंक रोड स्थित त्रिवेणी नगर में उसका ससुराल है। उसकी ड्यूटी न्यूरोसर्जरी विभाग में है।
कमरे से मिला नींद की दवा का खाली पत्ता
रेजिडेंट डॉक्टर रात को ससुराल में खाना खाकर सो गई, सुबह 7.30 बजे तक नहीं उठी तो परिजन कमरे में पहुंचे, तब घटना का पता चला। बताया जा रहा कि रेजिडेंट डॉक्टर ने नींद की गोली का अत्यधिक मात्रा में सेवन कर लिया। उसके कमरे में नींद की दवा का खाली पत्ता भी मिला है। हालांकि अभी कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। सूत्रों का कहना है कि रेजिडेंट तनाव में थी। महेश नगर थानाधिकारी महेश कुमार ने बताया कि अस्पताल से सोमवार रात तक इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली।
एक रेजिडेंट ने की आत्महत्या, दूसरे ने किया प्रयास
एसएमएस मेडिकल कॉलेज (SMS Medical College) की रेजिडेंट डॉक्टर के चार दिन में आत्महत्या का प्रयास करने का यह दूसरा मामला है। 27 अक्टूबर को कांवटिया अस्पताल में पीडियाट्रिक विभाग में कार्यरत दिल्ली निवासी रेजिडेंट सना खान ने खुद को इंजेक्शन लगा लिया था। उसे बेहोशी की हालत में एसएमएस में भर्ती करवाया गया। यहां अगले दिन शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। पूछताछ में पता चला कि वह भी तनावग्रस्त थी। उसका मनोचिकित्सक की देखरेख में इलाज चल रहा था।
जयपुर मेें इन रेजिडेंट ने गत वर्ष में किए सुसाइड
केस - एक
वर्ष 2022 में जेके लोन अस्पताल (JK Lone Hospital) में कार्यरत एक महिला रेजिडेंट ने एसएमएस गल्र्स हॉस्टल में सुबह पांच बजे सुसाइड का प्रयास किया था। वह भी मानसिक तनाव से जूझ रही थी।
केस - दो
वर्ष 2022 में एसएमएस मेडिकल कॉलेज स्थित हॉस्टल में शिमला निवासी एमबीबीएस तृतीय वर्ष का रेजिडेंट अमन (22) ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। वह भी तनाव में बताया जा रहा था।
केस- तीन
वर्ष 2021 में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की रेजिडेंट डॉक्टर ने वार्ड में खुद को इंजेक्शन लगाकर सुसाइड का प्रयास किया था।
केस-4
वर्ष 2019 में सांगानेरी गेट स्थित महिला अस्पताल में पंजाब के फिरोजपुर निवासी रेजिडेंट डॉक्टर ने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली थी।
डिप्रेशन का इलाज संभव
डिप्रेशन भी डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसे बीमारी है। सही समय पर और पूरा इलाज लें तो डिप्रेशन पर काबू पाया जा सकता है। युवा खुद की बात को दूसरों से साझा करें। अगर घर का कोई भी सदस्य उदास और अकेले में रहता है तो उससे बात करें। किसी व्यक्ति का डिप्रेशन का इलाज चल रहा है तो परिजन उस पर नजर बनाए रखें। - डॉ. ललित बत्रा, अधीक्षक, मनोचिकित्सा केन्द्र, सेठी कॉलोनी
Published on:
30 Oct 2023 10:28 pm
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