चीन के हांग्झोउ में खेले जा रहे एशियन गेम्स में भारत ने अपना पहला गोल्ड मेडल जीत लिया है।
जयपुर। चीन के हांग्झोउ में खेले जा रहे एशियन गेम्स में भारत ने अपना पहला गोल्ड मेडल जीत लिया है। मेंस 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में भारतीय निशानेबाज दिव्यांश सिंह पंवार, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रंकेश बालासाहेब ने 1893.7 के कुल स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता है।
बता दे कि गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय निशानेबाज दिव्यांश सिंह पंवार जयपुर के रहने वाले है। दिव्यांश को बचपन से ही शूटिंग का शौक था। इस वजह से उन्हें 12 साल की उम्र में ऑनलाइन गेम पबजी खेलने की लत लग गई थी। इस लत को छुड़ाने के लिए उनके पिता अशोक पंवार ने दिव्यांश को भी बड़ी बहन मानवी के साथ जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज पर भेजना शुरू किया। हालांकि बाद में उन्होंने दिल्ली के कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में कोच दीपक कुमार दुबे के पास प्रशिक्षण के लिए भेज दिया था। दिव्यांश जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप और जूनियर वर्ल्डकप में भी दो गोल्ड सहित तीन मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने 2018 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में मिक्स्ड इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। जबकि वर्ल्डकप में दो गोल्ड मेडल जीते।
2019 में ISSF वर्ल्डकप में 6 मेडल जीते..
दिव्यांश 2019 में ISSF वर्ल्डकप में 6 मेडल जीते। जिसमें चार गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल शामिल है। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में इंडिविजुअल में एक गोल्ड और एक सिल्वर जीते। जबकि मिक्स्ड डबल्स में 3 गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल जीते।
पिता के पास सुबह से आने लगी बधाई..
दिव्यांश के पिता अशोक सिंह पंवार एसएमएस अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी में गेस्ट्रोलॉजी में इंजार्च है। अशोक सिंह सीनियर नर्सिंग स्टॉफ है। अशोक सिंह ने बताया कि आज सुबह से ही उनके पास बधाईयों के कॉल आना शुरू हो गए थे। डॉक्टर्स व अन्य उन्हे सुबह से ही बधाईयां देने लगे। घर से अस्पताल आने से पहले ही बधाईयां शुरू हो गई। लेकिन उन्हे ड्यूटी पर आना था। इसलिए वह घर से हर दिन के अनुसार सुबह साढ़े सात बजे रवाना हुए और अस्पताल आए। लेकिन अस्पताल में भी जश्न जैसा माहौल था। डॉक्टरों ने मिठाईयां मंगाई। उन्हें मिठाई खिलाई और सब को खिलाई गई।
अशोक सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी हाउस वाइफ के साथ फार्मासिस्ट है। जो मेडिकल स्टोर की दुकान करती है। वही बेटी का एमबीबीएस में सलेक्शन हो चुका है। इसके अलावा बेटा दिव्यांश अभी वन विभाग, अरण्य भवन में एसीएफ के पद पर कार्यरत है।