
स्मार्ट सिटी : बदलती 'योजना', सपना अधूरा
स्मार्ट सिटी : बदलती 'योजना', सपना अधूरा
— समस्या बरकरार, नए कामों पर फोकस
— 9 बाजार बनाने थे स्मार्ट, सरकार बदली तो अटका काम
— चारदीवारी के दो ही बाजार बन पाए आधे—अधूरे स्मार्ट
— जो काम हुए, उन पर उठने लगे सवाल
जयपुर। राजधानी का स्मार्ट सिटी (Smart City) बनने का सपना 'राजनीति' के चलते पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही स्मार्ट सिटी के कामों की योजना बदलती गई। जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (Jaipur Smart City Limited) ने चारदीवारी के 9 बाजारों को स्मार्ट बाजार बनाने की योजना बनाई। दो बाजारों में स्मार्ट रोड का काम भी शुरू हुआ, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलते ही स्मार्ट बाजार का सपना दो बाजार तक ही अटक कर रह गया। अब दो बाजार भी पूरी तरह से स्मार्ट नहीं हो पा रहे है। वहीं अब स्मार्ट सिटी में स्वतंत्र निेदेशकों की नियुक्ति को केन्द्र के स्थगित कर दिया है।
गुलाबी शहर को स्मार्ट सिटी के शामिल होने के बाद खासकर परकोटे के लोगों को सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद जगी। स्मार्ट सिटी के तहत किशनपोल बाजार को सबसे पहले स्मार्ट बाजार बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन बाजार में व्यापारियों के साथ यहां आने वालों को आज भी स्मार्ट सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। वहीं दूसरा स्मार्ट बनाने के लिए चांदपोल बाजार में काम शुरू हुआ। दोनों बाजारों में स्मार्ट बाजार के नाम पर सिर्फ सीसी रोड बना दी गई, नए लाइट पोल लगा दिए गए। इनमें आधा—अधूरा काम हुआ। बाजार में आज भी समस्या बरकरार है। हकीकत में बाजार में आज भी कचरा डिपो बने हुए है। दोपहर तक इन डिपो पर कचरा पड़ा रहता हैं।
हाल ए किशनपोल
काम हुए
— स्मार्ट रोड के नाम पर सीसी सड़क बनाई गई।
— बाजार में फुटपाथ बना दिए गए, दुकानों के बाहर गार्डन बना पौधे लगा दिए।
— वाईफाई सुविधा शुरू की, लेकिन फिर से बंद हो गई।
काम अधूरे
— वाईफाई का काम अधूरा
— बरामदों की मरम्मत का काम अधूरा
— पार्किंग व्यवस्था ठीक नहीं हुई
ये बने परेशानी, व्यापारी चाहते है हल
— पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं, बारिश में बरामदों में भर रहा पानी
— बाजार में महाराजा स्कूल के बाहर, खूंटेटा का रास्ता के नुक्कड, नमक मंडी के बाहर सड़क पर भर रहा पानी
— बाजार में टॉयलेट नहीं बने
— पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से तीन—तीन दिन तक बाजार में गाड़ियां खड़ी रहती है।
— बाजार में 3 जगह कचरा डिपो बने हुए है, जो हटने चाहिए
हाल ए चांदपोल
काम हुए :
— स्मार्ट बाजार के नाम पर सिर्फ सीसी रोड बनी
— लाइट के हेरिटेज लुक के पोल लगाए गए
— डिवाइडर पर रैलिंग लगा कर कलर किया
काम अधूरे
— वाइफाई का काम अधूरा
— कैमरे लगाए, लेकिन अभी चालू नहीं
— पार्किंग के स्थान तय नहीं, एलइडी बोर्ड भी नहीं लगाए गए।
— बरामदों में लाइटिंग का काम अधूरा, बिजली के तार खुले पड़े हैं
— बरामदों की मरम्मत का काम अधूरा
— बाजार में ड्रेनेज का काम अधूरा
ये बने परेशानी, व्यापारी चाहते है हल
— बाजार में 4 जगह कचरा डिपो, जो हटने चाहिए
— ई रिक्शाओं की संख्या निर्धारित होनी चाहिए, एक ही कलर के ई—रिक्शा होने चाहिए
— बाजारों में लो फ्लोर बसें बंद होनी चाहिए
इनका भी पूरा लाभ नहीं
— स्मार्ट सिटी के तहत परकोटे के बरामदों की मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन काम की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे है। मरम्मत के बाद भी बारिश में बरामदें टपकने लगे।
— स्मार्ट टॉयलेट बनाए गए, लेकिन पानी का पर्याप्त इंतजाम नहीं कर पाए, अधिकतर टॉयलेट बंद पड़े।
— बाजार में फसाड़ वर्क हुआ, लेकिन पहली ही बारिश ने फसाड़ वर्क को फीका कर दिया।
— डब्ल्यूटीपी के पास नाले पर कियोस्क बनाए गए, लेकिन अभी तक उनका उपयोग नहीं किया गया।
Published on:
05 Aug 2021 10:17 pm
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