
जयपुर। राजधानी जयपुर में अजमेर रोड पर भांकरोटा के पास पुष्पराज पेट्रोल पंप के समीप आज सुबह एलपीजी गैस से भरे टैंकर में ब्लास्ट हो गया। हादसे के बाद गैस से भरे टैंकर में भीषण आग लग गई। इससे दर्जनों गाड़ियों में आग लग गई। वहीं, 150 से ज्यादा लोग झुलस गए। जिनमें से 5 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 10 लोगों का जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार जारी है। हादसा इतना भीषण था कि टैंकर में भरा केमिकल 200 से 300 मीटर दूर तक फैल गया। जहां-जहां केमिकल गिरा वहा आग लग गई। कई गाड़ियां ऐसी थीं जिसमें से लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।
जानकारी के मुताबिक हादसा सुबह करीब 5 बजे जयपुर के भांकरोटा में दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने हुआ। ब्लास्ट में दर्जनों गाड़ियों में आग लग गई। हादसे में एक पेट्रोल पंप का हिस्सा भी चपेट में आ गया है। इसके अलावा हाईवे के पास बने वेयर हाउस व गोदाम भी आए आग की चपेट में आ गए। सूचना पर दर्जनों अग्निशमन गाड़ियां व एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। एक तरफ आग बुझाने का प्रयास किया गया तो दूसरी तरफ घायलों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद हाइवे पर जाम के हालात बन गए। ऐसे में हाईवे पर बगरू से ही यातायात डायवर्ट किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीषण हादसे को देखकर रुह कांप उठी। एलपीजी गैस से भरे टैंकर में ब्लास्ट के बाद दर्जनों गाड़ियों में आग लग गई। ऐसे लगा जैसे रात के अंधेरे में सूरज निकल आया हो और फिर अचानक चीख पुकार मच गई। ऐसे में लोग जलते हुए अपनी गाड़ियों से निकलकर भागते नजर आए। आग इतनी भयानक थी कि बुझाने का साहस कोई नहीं जुटा पा रहा था। हर कोई खुद की जान बचाने की जुगत में इधर-उधर भागते नजर आए।
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी सवाई मानसिंह अस्पाल पहुंचे हैं। उन्होंने डॉक्टर्स से घायलों की जानकारी ली है। साथ ही टैंकर हादसे में पीड़ित लोगों की कुशलक्षेम पूछी। सीएम भजनलाल ने बेहतर उपचार के निर्देश दिए। सीमए ने हादसे में हुए अन्य नुक़सान और रेस्क्यू ऑपरेशन की भी जानकारी ली।
अजमेर रोड पर हुए हादसे के बादे चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी एसएमएस अस्पताल पहुंचे। यहां मंत्री खींवसर ने घायलों के बारे में जानकारी ली। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य दीपक माहेश्वरी सहित सभी बड़े अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। मंत्री ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को भी अस्पताल में बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आनी चाहिए।
महिंद्रा सेज स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत प्रकाश और विवेक ने बताया कि वो अपने दोस्त अशोक पारीक के साथ कंपनी से घर लौट रहे थे। तभी आगे चल टैंकर से एलपीजी लीकेज की बदबू आने लगी। ऐसे में वो खूब चिल्लाए और हॉर्न भी बजाया। लेकिन, टैंकर चालक ने कुछ भी नहीं सुना। तभी अचानक टैंकर में ब्लास्ट हो गया। इस हादसे के बाद हमारी गाड़ी भी आग की चपेट में आ गई। जैसे तैसे कार से बाहर निकलकर जान बचाई। लेकिन, कार आग की चपेट में आ गई। दर्जनों गाड़ियों में आग लग गई।
प्रकाश और विवेक ने बताया कि उनके साथ कार से हमेशा प्रदीप जाता था। लेकिन, उसे वर्कफर्म होम दिया गया। ऐसे में उसकी जगह प्रकाश उनके साथ कार में सवार था। हम दोनों तो कार से निकलकर दूर जा खड़े हुए। लेकिन, अशोक पारीक ने मानवता का परिचय दिया और लोगों को पीछे हटाने में जुट गया। ऐसे में वह बुरी तरह झुलस गया। जिसकी हालत गंभीर है और सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार जारी है।
Updated on:
20 Dec 2024 10:51 am
Published on:
20 Dec 2024 09:42 am
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