
जयपुर. कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन (जेजेएम) में हुए भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री भजन लाल की मंजूरी के बाद मुख्य अभियंता (विशिष्ठ परियोजना) दिनेश गोयल, मुख्य अभियंता (जल जीवन मिशन) आरके मीणा और मुख्य अभियंता (शहरी) केडी गुप्ता को हटा दिया है।
सोमवार को जारी तबादला सूची में एक वर्ष से पदस्थापन का इंतजार कर रहे संदीप शर्मा को मुख्य अभियंता (तकनीकी) के साथ (विशिष्ठ परियोजना) की दोहरी जिम्मेदारी दी है। दलीप गौड़ को मुख्य अभियंता जेजेएम के पद पर तैनात किया है। मुख्य अभियंता आरके मीणा को जेजेएम की पेयजल परियोजनाओं की गुणवत्ता नियंत्रण का जिम्मा दिया है। मीणा जेजेएम की पेयजल परियोजनाओं में हुए भ्रष्टाचार की जांच करेंगे। दिनेश गोयल को मुख्य अभियंता (प्रशासन) और केडी गुप्ता को मुख्य अभियंता (ग्रामीण) के पद पर तैनात किया गया है। आरके लुहाडि़या को मुख्य अभियंता शहरी का जिम्मा दिया गया है।
जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाओं में उपर के इशारे पर जम कर वित्तीय अनियमिताएं की। चार गुना ज्यादा दरों पर टैंडर एप्रूव किए और बडे ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की। जयपुर जिले में तो फर्जी सर्टिफिकेट से 500 करोड़ रुपए के ज्यादा के टैंडर श्री श्याम और गणपति टयूबवैल को दिए गए।
इतना ही नहीं इंजीनियरों ने धडल्ले से लोहे की जगह प्लास्टिक के पाइप बिछाए और करोड़ों का भुगतान ठेकेदारों को किया। इसी तरह से कई जगह तो फील्ड इंजीनियरों ने भ्रष्टाचार के सारे रेकार्ड तोड़ कर रख दिए। गांवों में पुरानी पाइप लाइन को नई पाइप बता कर ठेकेदारों को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया।
चार गुना ज्यादा दरों पर 20 हजार करोड़ के टैंडर देने का मामला खुला तो सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और चार गुना ज्यादा दरों पर दिए गए सभी टैंडर निरस्त कर दिए। इसके बाद जल जीवन मिशन में एसीबी और ईडी की एंट्री हुई और ठेकेदार पदम चंद जैन को इंजीनियरों को कमीशन की रकम देते हुए गिरफ्तार किया।
Published on:
06 Feb 2024 12:53 pm
