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ठाकुरजी को करवाया गया जल विहार, कृष्ण बलराम मंदिर में मनाया गया महोत्सव, इतने व्यंजनों का लगा भोग

जगतपुरा स्थित श्री कृष्ण बलराम मंदिर में पानीहाटी चिड़ा दही महोत्सव की भव्य तैयारियां की गयी।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Jun 02, 2023

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जयपुर। जगतपुरा स्थित श्री कृष्ण बलराम मंदिर में पानीहाटी चिड़ा दही महोत्सव की भव्य तैयारियां की गयी। ठाकुर जी का पांच हजार कमल पुष्पों द्वारा भव्य पद्म अलंकार किया गया एवं 21 प्रकार चिड़ा दही एवं रबड़ी से बने विभिन्न व्यंजनों को तैयार करके ठाकुर जी को भोग लगाया गया। शाम को ठाकुर जी को जल विहार के लिए मंदिर के मथुरा गार्डन में एक भव्य कमल कुंड बनाया गया जिसे फूलो से सजाया गया, हरीनाम संकीर्तन के साथ भगवान का जल विहार कराया गया। भक्तो ने संकीर्तन में नृत्य कर भगवान की जल विहार लीला का आनंद लिया एवं भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। वृंदावन के 6 गोस्वामी में से एक रघुनाथ दास गोस्वामी, आज ही के दिन भगवान नित्यानद प्रभु को चिड़ा दही का विशेष भोग लगाते हैं एवं हरी नाम संकीर्तन के साथ यह महोत्सव मनाते है एवं भगवान की कृपा प्राप्त करते हैं।

यह पश्चिम बंगाल में कोलकाता के पास पानीहाटी नाम के एक गाँव में पहली बार श्री नित्यानंद प्रभु के साथ श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी की मुलाकात के उपलक्ष्य में पानीहटी चिड़ा-दही उत्सव मनाया जाता है। श्रील रघुनाथ दास को नित्यानंद प्रभु से दंड मिला कि उनको यहाँ आये सभी हजारों भक्तो के लिए चिड़ा-दही प्रसादम की व्यवस्था करनी है यह सुनकार श्री रघुनाथ दास गोस्वामी अत्यधिक प्रसन्न हुए और अत्यधिक मात्रा में चिड़ा-दही प्रसाद की व्यवस्था की एवं भगवान को भोग लगाया तब से इस त्योहार को दंड महोत्सव (दंड का त्योहार) के रूप में भी जाना जाता है। यह ज्येष्ठ (मई-जून) के महीने में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है।

पानीहाटी महोत्सव मंदिर का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। इसे धूम धाम से मनाने के लिए भक्तो ने ठाकुर जी का भव्य श्रंगार किया गया, ठाकुर जी का पांच हजार कमल पुष्पों एवं भव्य पोशाक के साथ पद्म अलंकार किया गया। ठाकुर जी को शीतलता देने के लिए कमल कुंड भी बनाया गया। मंदिर में यह दर्शन अति मनमोहक लग रहा था।

मंदिर के मथुरा गार्डन में एक विशेष कुंड का निर्माण किया गया है जहां पर ठाकुर जी को पालकी से ले जाया जायेगा, जहा हरिनाम संकीर्तन के साथ ठाकुर जी का जल विहार कराया गया एवं पंचामृत अभिषेक के साथ ही महाआरती की गयी। इस पूरे कार्यक्रम को मंदिर के ऑफिशियल फेसबुक पेज और युटुब चैनल हरे कृष्ण जयपुर पर लाइव के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया।

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