
बचपन में भोजन के लिए लाइन में लगने वाला बच्चा आज है अरबों का मालिक
चपन बेहद गरीबी में बीता था। मां के साथ मुफ्त भोजन की कतार में लगना अब रोजमर्रा का काम बन गया था। जब बड़ा हुआ तो दुकान पर छोटे-मोटे काम करके कुछ कमाना शुरू किया ताकि परिवार में कुछ योगदान दे सके। मां को जब कैंसर हुआ तो उन्हें अक्षमता पेंशन मिली। कंप्यूटर में रुचि थी लेकिन इतने पैसे नहीं थे कि अच्छे संस्थान से शिक्षा प्राप्त की जाए। कंप्यूटर नेटवर्किंग का ज्ञान हासिल करने के लिए कुछ राशि जुटाकर किताबें खरीदी। पढऩे के बाद इन किताबों को पुरानी किताबें खरीदने वाली दुकान पर बेच दीं, ताकि उस राशि का उपयोग फिर से ज्ञान बढ़ाने के लिए किया जा सके। आगे की पढ़ाई के लिए एक सरकारी विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। कॉलेज के साथ ही उसे एक कंपनी में सिक्यूरिटी टेस्टर का काम भी मिल गया था। लेकिन नौकरी पा लेना ही उसका सपना नहीं था। कंप्यूटर नेटवर्किंग में उसे इतनी रुचि थी कि वह कुछ अलग करना चाहता था। इसी जुनून ने इसे एक नई पहचान दी। यह व्यक्ति कोई और नहीं वॉट्सएप के संस्थापक जेन कूम हैं।
नौकरी के दौरान मिला बिजनेस पार्टनर
१९९७ में कूम ने याहू कंपनी में नौकरी की। इसी दौरान कूम की मुलाकात ब्रायन ऐक्टन से हुई, जो आगे चलकर उनके बिजनेस पार्टनर बनें। करीब नौ साल तक याहू कंपनी से जुड़े रहने के बाद कूम को जॉब से बोरियत होने लगी और कुछ नया करने की चाह में उसने जॉब छोड़ दी। इस दौरान उसने एक ऐसे एप को दुनिया के सामने लाने के बारे में सोचा, जो फोन नंबर से लोगों को आपस में जोड़ दें। अपने इस आइडिया के बारे में उसने ऐक्टन से बात की। ऐक्टन भी उसके आइडिया से बहुत प्रभावी हुए और दोनों ने मिलकर सोशल नेटवर्किंग पर काम शुरू किया। अपने खर्चों को मैनेज करने के लिए इन्होंने जॉब तलाशना भी शुरू दिया लेकिन फेसबुक, ट्विटर जैसी कंपनी ने जॉब पर रखने के लिए मना कर दिया। कूम ने हिम्मत नहीं हारी। अपने प्रोजेक्ट के बारे में उसने याहू के पूर्व अधिकारियों से बात की। इस तरह उन्हें प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग मिल गई। वॉट्सअप की लॉचिंग के बाद कंपनी 5000 डॉलर प्रति माह की आमदनी करने लगी। इसके बाद कूम ने कभी पीछे मुडक़र नहीं देखा। फेसबुक ने जिस व्यक्ति के आवेदन को ठुकरा दिया था अब उसी कंपनी ने 19 अरब डॉलर के शेयर और नकदी के सौदे में वॉट्सएप को खरीद लिया और कूम को कंपनी के निदेशक मंडल में जगह मिली। जब वे फेसबुक के हाथों वॉट्सएप की डील कर रहे थे तो उन्होंने डील के लिए उस स्थान का चुनाव किया, जहां कभी वे अपनी मां के साथ घंटों भोजन के लिए लाइन में लगा करते थे।
Published on:
28 Mar 2020 05:38 pm
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