23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फुकुशिमा प्लांट के पानी को सागर में छोड़ सकता है जापान

जापान 2011 के सुनामी में तबाह हुए फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के रेडियोएक्टिव पानी को प्रशांत महासागर में छोडऩे की योजना पर काम कर रहा है। हालांकि फुकुशिमा के मछुआरों समेत पड़ोसी देशों ने भी समुद्री जीवन के खतरे को लेकर सवाल उठाए हैं। इस परमाणु संयंत्र के लिए उद्योग मंत्रालय के तहत गठित विशेषज्ञों की समिति ने इस योजना को हरी झंडी दी है।

2 min read
Google source verification
फुकुशिमा प्लांट के पानी को सागर में छोड़ सकता है जापान

फुकुशिमा प्लांट के पानी को सागर में छोड़ सकता है जापान

टोक्यो. जापान 2011 के सुनामी में तबाह हुए फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के रेडियोएक्टिव पानी को प्रशांत महासागर में छोडऩे की योजना पर काम कर रहा है। हालांकि फुकुशिमा के मछुआरों समेत पड़ोसी देशों ने भी समुद्री जीवन के खतरे को लेकर सवाल उठाए हैं। इस परमाणु संयंत्र के लिए उद्योग मंत्रालय के तहत गठित विशेषज्ञों की समिति ने इस योजना को हरी झंडी दी है। समिति ने इस बारे में तीन वर्ष तक अध्ययन किया है। इसके बाद यह फैसला किया है कि इस पानी को समुद्र में बहा दिया जाए। समिति ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। टेप्को संचालित यह संयंत्र सुनामी में तबाह हो गया था और तब से ही इसे बंद कर दिया गया है। उद्योग मंत्रालय ने इस संयंत्र में जमा रेडियोएक्टिव एलिमेंट को ठिकाने लगाने के लिए एक समिति गठित की थी। समिति ने अपनी सलाह में इस रेडियोएक्टिव एलिमेंट को समुद्र में बहाने या वाष्पीकरण करने का विकल्प दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद से स्थानीय समुदाय में खलबली मची हुई है। विशेषज्ञ भी इसको खतरनाक कदम बताते हुए इसे समुद्री जीव और मछुआरों पर खतरा बता रहे हैं।
60 किमी दूर होने हैं ओलंपिक खेल
फुकुशिमा में दूषित पानी को स्वच्छ होने में करीब एक दशक का समय लग सकता है। विशेषज्ञों के लिए यह विषय महत्त्वपूर्ण बिंदु रहा है। इसी साल 24 जुलाई से टोक्यो ओलंपिक की स्पर्धाएं फुकुशिमा से सिर्फ 60 किमी दूरी पर आयोजित होनी हैं।
समुद्री भोजन के आयात पर लगा रखा है प्रतिबंध
पड़ोसी दक्षिण कोरिया ने परमाणु आपदा के बाद जापान के फुकुशिमा क्षेत्र से समुद्री भोजन के आयात पर प्रतिबंध को बरकरार रखा है और पिछले साल एक वरिष्ठ जापानी दूतावास के अधिकारी को तलब किया कि कैसे फुकुशिमा प्लांट के पानी से निपटा जाएगा। इसके एथलीट अपने खुद के विकिरण डिटेक्टरों और खेलों में भोजन लाने की योजना बना रहे हैं।