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Success Story: राजस्थान की बेटी मनस्वी अग्रवाल ने राज्य का नाम किया रौशन, अकोन्कागुआ शिखर पर पहुंचने वाली बनीं राज्य की दूसरी महिला

मनस्वी ने माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट दिरांग एवं हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट से बेसिक एवं एडवांस पर्वतारोहण ट्रेनिंग प्राप्त किया है, जहां उन्हें एक माह तक 6,500 मीटर ऊंची बर्फीली चोटियों पर रहकर अभ्यास कराया गया।

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Manasvi Agarwal

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Who Is Manasvi Agarwal: शहर की होनहार पर्वतारोही मनस्वी अग्रवाल ने विश्व पर्वतारोहण के क्षेत्र में भारत और राज्य का नाम गौरवान्वित किया है। दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप की एंडीज पर्वत श्रृंखला में स्थित 23 हजार फीट यानी 7,000 मीटर ऊंची विश्व की अत्यंत चुनौतीपूर्ण चोटी अकोन्कागुआ को फतह कर उन्होंने वहां भारतीय तिरंगा फहराया। इस उपलब्धि के साथ मनस्वी अग्रवाल राजस्थान की अर्धसैनिक बल में कार्यरत पर्वतारोही गीता सामोता के बाद अकोन्कागुआ शिखर पर पहुंचने वाली राज्य की दूसरी महिला बन गई है। अकोन्कागुआ एशिया के बाहर शेष छह महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी है, जहां 70 से 80 किमी प्रति घंटे की बर्फीली हवाएं और तापमान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक गिरता है।

Success Story: कठोर प्रशिक्षण से बनीं शिखर विजेता

मनस्वी ने माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट दिरांग एवं हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट से बेसिक एवं एडवांस पर्वतारोहण ट्रेनिंग प्राप्त किया है, जहां उन्हें एक माह तक 6,500 मीटर ऊंची बर्फीली चोटियों पर रहकर अभ्यास कराया गया। ये दोनों संस्थान भारतीय सेना द्वारा संचालित है। सिंघानिया लॉ कॉलेज में सहायक सेना द्वारा संचालित हैं। मनस्वी आचार्य के रूप में अध्यापन कर रही हैं। उनके पिता डॉ. टी. आर. अग्रवाल राजस्थान वित्त सेवा से सेवानिवृत्त हैं. जबकि माता डॉ. सरोज अग्रवाल इतिहास विभाग में प्रोफेसर हैं।

मनस्वी सिंघानिया लॉ कॉलेज में सहायक आचार्य के रूप में पढ़ा कर रही हैं। उनके पिता डॉ. टी. आर. अग्रवाल राजस्थान वित्त सेवा से सेवानिवृत्त हैं. जबकि माता डॉ. सरोज अग्रवाल इतिहास विभाग में प्रोफेसर हैं।

Who Is Manasvi Agarwal: पिछले माह विन्सन मैसिफ फतह की

23 दिसंबर 2025 को अंटार्कटिका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी विन्सन मैसिफ को फतह कर राजस्थान की पहली पर्वतारोही बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद वे भारत लौटे बिना ही 15 दिन से कम अंतराल में 9 जनवरी 2026 को अकोन्कागुआ अभियान के लिए रवाना हो गईं।