जेडीए की आवासीय योजना केसर विहार प्रशासनिक उदासीनता के चलते 7 साल गुजरने के बाद भी विकास की राह देख रही है। यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
महलां। जेडीए की आवासीय योजना केसर विहार प्रशासनिक उदासीनता के चलते 7 साल गुजरने के बाद भी विकास की राह देख रही है। यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। जानकारी के अनुसार जयपुर से महज 30 किलोमीटर की दूरी व जयपुर-अजमेर राजमार्ग के निकट जयपुर विकास प्राधिकरण की आवासीय योजना केसर विहार में सड़क, पानी, विद्युत लाइट आदि की सुविधा नहीं होने से भूखंडों के आवंटी 7 साल बाद भी विकास के उसी पायदान पर खड़े हैं जहां सात साल पहले थे।
इसी का नतीजा है कि अभी तक यहां एक भी आशियाना नहीं बन सका। लोगों का कहना है कि केसर विहार योजना में जेडीए सुविधाओं का विस्तार करे तो यहां आबादी बढ़ेगी वहीं आसपास के लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। हाईवे के नजदीक होने के बावजूद यहां एक भी आवंटी ने आवास बनाने में रुचि नहीं दिखाई है।
जानकारी के अनुसार जेडीए ने वर्ष 2018 में 8 सितंबर से 22 अक्टूबर तक केरिया का बास स्थित केसर विहार आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। वहीं 20 नवंबर 2018 को लॉटरी के माध्यम से 269 आवास स्वीकृत हुए। इसके बाद आवास योजना में जेडीए की शर्तों के अनुसार सड़क, पानी, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी।
केसर विहार योजना में आरक्षित दर 12000 हजार वर्ग मीटर के हिसाब से भूखंडों का बेचान कर जेडीए ने अपना खजाना तो भर लिया लेकिन विकास के नाम पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया। ऐसे में आवंटी अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। केसर विहार योजना जयपुर-अजमेर राजमार्ग से महज 200 मीटर की दूरी पर है। केसर विहार में बनी ग्रेवल सड़कें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जेडीए प्रशासन की उदासीनता के चलते केसर विहार योजना को विकास कार्यों का बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय विजेंद्र परेवा ने बताया कि स्थानीय लोगों ने जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से केसर विहार योजना में सुविधाओं के विस्तार की मांग की है।