Student suicide in Kota: लगातार बढ़ते सुसाइड ने पूरे देश को ही चिंता में डाल रखा है, क्योंकि कोटा में पूरे देश से हर साल लाखों बच्चे डॉक्टर , इंजीनियर बनने का सपना लिए आते हैं।
Student suicide in Kota: कोटा में दो दिन पहले मोटिवेशनल स्पीकर और कथा वाचक जया किशोरी आई थीं और उन्होनें छात्रों को मोटिवेट किया था कि वे प्रयास करें, असफल हो जाएं तो फिर दुगने प्रयासों के साथ सफल होने की कोशिश करें। सफलता जरूर मिलेगी। लेकिन जया किशोरी, कोटा जिला कलक्टर, कोटा एसपी, कोचिंग संचालक...... सभी के प्रयास नाकाफी रहे झारखंड की रिचा के लिए। उसने आखिर जान दे ही दी।
वह पांच महीने कोटा में रही और आज तड़के उसकी मौत की सूचना उसके पिता को दे दी गई। उसे देर रात सुसाइड कर लिया। कोटा में सुसाइड का इस साल यह पच्चीसवां केस है। किसी साल में इतने सुसाइड कभी नहीं हुए हैं। लगातार बढ़ते सुसाइड ने पूरे देश को ही चिंता में डाल रखा है, क्योंकि कोटा में पूरे देश से हर साल लाखों बच्चे डॉक्टर , इंजीनियर बनने का सपना लिए आते हैं।
दरअसल कोटा जिले के विज्ञान नगर में एक हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही सोलह साल की रिचा सिन्हा ने जान दे दी। रिचा को उसकी रूममेट ने कुछ ही देर के लिए अकेला छोड़ा था और इतनी सी देर में ही रिचा ने जान दे दी। उसने फांसी लगा ली। रिचा सिन्हा जिस हॉस्टल में रह रही थी वहीं उसने सुसाइड कर लिया। वह झारखंड की रहने वाली थी और रांची जिले से कोटा में पांच महीने पहले पढ़ने के लिए आई थी। वह नीट की तैयारी कर रही थी। कल रात अपनी रूममेट के साथ थी। इस दौरान रूममेट के पिता का फोन आया। वह फोन सुनने बाहर बालकनी में चली गई तो रिचा ने कमरा बंद कर सुसाइड कर लिया। देर रात ही उसके शव को निजी अस्पताल में लाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने केस की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।