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स्मृति में…राजस्थान की धड़कनों में कुलिशजी: काव्यांजलि

काव्यांजलि
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जयपुर

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Akshita Deora

•

Updated: 30 Mar 2026, 11:54 AM IST

Karpoor Chandra Kulish 100th Birth Year, Jaipur, Jaipur News, Rajasthan News, Karpoor Chandra Kulish

राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश जी

कलम हाथ में लेकर
जिन्होंने, सोया देश जगाया
था, सत्य और निर्भीकता का
जिन्होंने अलख जगाया था।

राजस्थान की माटी के वो
अनमोल सितारे थे,
'कुलिश' नाम था उनका, वे
जन-जन के सहारे थे।
वे शब्द-शिल्पी, वे युग-दृष्टा,
पत्रकारिता के थे सच्चे मार्ग दृष्टा।

न झुके कभी वो सत्ता के
आगे, न लोभ ने उन्हें घेरा था,
सच्ची और साफ हो
राजनीति, बस यही उनका
स्वप्न सवेरा था।
लोकतंत्र की नींव में जिन्होंने,
वोट का मूल्य बताया था,
हर पीड़ित की पीड़ा को,
जिम्मेदारों तक पहुंचाया था।

कलम बनी थी वज्र उनकी
और शब्द बने थे ढाल,
कुलिशजी की सोच ने ही, रचा
नया इतिहास विशाल।
सौ साल हुए उस ज्योति को,
जो आज भी प्रकाश देती है,
नई पीढ़ी को मूल्यों की,
आज भी वो सीख देती है।

आओ मिलकर शपथ लें हम,
उनके मार्ग पर चलने की,
सत्य की मशाल जलाकर,
अंधेरों से लड़ने की।
मेघा, ग्वालियर

कुलिशजी देश में ऐसा जादू
चला गए, अपने लेखन से
जन-जन के मन को भा गए।

कुलिशजी की कलम ने की
थी यही पुकार, भ्रष्टाचारी के
खिलाफ उनकी रचनाएं बनी
दीवार।
उनकी सिखाई संस्कृति
की हर रीत को, आज भी भारत
न भूला है उनकी एक-एक
सीख को।
निष्पक्षता
है झलकती उनके हर विचारों में,
आज भी वह जीवित हैं
आसमान के तारों में।
हम भी मानेंगें उनकी हर एक
रीत को, आज भी भारत न
भूला है उनकी एक-एक
सीख को।

ऋषभ शर्मा, भोपाल

सामाजिक सरोकारों का
आईना है पत्रिका, देश का
सबसे भरोसेमंद अखबार है
पत्रिका।
अमृतं जलम् हो या
हरियाळो राजस्थान, पत्रिका
की कई मुहिम से मिला
पाठकों को मान। हिंदी भाषी
क्षेत्र में पत्रिका ने परचम
लहराया, निर्भीक और नैतिक
पत्रकारिता से पाठकों में नाम
कमाया।
डिजिटल माध्यमों में
भी सक्रिय है पत्रिका हमारा,
रेडियो टीवी से पाठकों तक
समाचार पहुंच रहा सारा।
पारंपरिक पत्रिका के मूल्यों
को संजोता है पत्रिका, जनता
के विश्वास को जीतता है

पत्रिका। परिवार परिशिष्ट
रिश्तों की अहमियत
सिखलाता है, सांस्कृतिक
धरोहर से जुड़ी कहानी
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ब्रेन पावर हम सबका ज्ञान
बढ़ाता है, कविता बाल कथा
पढ़ बच्चों का मनोरंजन हो
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हैल्थ परिशिष्ट
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक
कराता है, प्रमुख बीमारियों के
निवारण का उपाय बताता है।
मी नेक्स्ट कॅरियर चुनने का
मार्ग दिखाता है,
नए-नए इनोवेशन से
रूबरू करवाता है।

शुभांगी शर्मा, भवानीमंडी (झालावाड़)