- हिस्ट्रीशीटर, उसकी पत्नी सहित चार गिरफ्तार - मुख्य आरोपी ने ठेके के नाम पर करीब 1 करोड़ रुपए भी ठगे
जयपुर. गुडग़ांव के एक ठेकेदार से करीब 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और फिर अपहरण कर फिरौती मांगने के मामले में बगरू पुलिस ने एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस ने भागलपुर बिहार निवासी कुमार कृष्णा पाण्डे (33), सहकार मार्ग निवासी मोइनुद्दीन उर्फ नेमा खान, नेहा यादव व आशीष को गिरफ्तार किया गया है। एसीपी वैशाली नगर रायसिंह बेनीवाल ने बताया कि मोइनुद्दीन झोटवाड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध अपहरण, मारपीट व लूट के कई प्रकरण दर्ज है।
पीडि़त गुडग़ांव निवासी रमेश यादव ने रिपोर्ट दी थी कि वह कंस्ट्रेक्शन का कार्य करता है। सात-आठ महीने पहले कुमार कृष्णा से परिचय हुआ था। वह ठेका दिलवाने की कहता था। उसने राजस्थान में रिलायंस के कार्य का करीब 250 करोड़ रुपए का ठेका दिलाने की कही। वर्क ऑर्डर की मेल भी की। उसने दो प्रतिशत खुद का कमीशन बताया और 40 लाख रुपए नकद एवं 50 लाख रुपए विभिन्न बैंक खाते में प्राप्त किए। 13 फरवरी को वह जयपुर में साइट दिखाने के बहाने लेकर आया और होटल में ठहराया। 14 फरवरी को प्रताप नगर स्थित एक बाबा के पास ले गया और उसे नए काम की शुरुआत से पहले 50 हजार रुपए देकर आशीर्वाद लेने को कहा। फिर वहां से एक गाड़ी में लेजाकर के बगरू इलाके में फार्म हाउस में बंद कर दिया और 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी। बंदूक दिखाकर डराया और धमकाया। 15 फरवरी को सुबह कुछ अन्य लोग फार्म हाउस पर आए तो वह बच गया।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
थानाधिकारी बृजभूषण अग्रवाल ने बताा कि 26 फरवरी को वाराणसी में कुमार कृष्णा को पकड़ लिया। वहां से ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लाकर पूछताछ की तो उसने वारदात के बारे में बताया। उसके अनुसार परिवादी से रुपए हड़पने की नियत से उसने यहां पर परिचित हिस्ट्रीशीटर मोइनुद्दीन उसकी पत्नी नेहा यादव के साथ प्लानिंग की। हिस्ट्रीशीटर का ड्राइवर आशीष भी साथ हो गया। परिवादी के साथ पहले महिंद्रा सेज इलाके में लेजाकर के मारपीट कर मोबाइल फोन व 10 हजार रुपए छीन लिए। फिर बगरू में एक रिटायर्ड आइएएस के फार्म हाउस में चौकीदार कन्हैया की मदद से उसे बंधक बना लिया था। मामले में कन्हैया व अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।