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ये मुलाकात एक बहाना है…घनश्याम तिवाड़ी से मिलने पहुंचे किरोड़ी लाल मीणा

जयपुर में शनिवार को दो संघनिष्ठ मित्रों का मिलन हुआ। कभी भाजपा की धुरी इन नेताओं के ईर्द—गिर्द ही घूमा करती थी। लेकिन समय चक्र बदला और दोनों ने ही भाजपा छोड़कर नई पार्टी बना ली। हम बात कर रहे हैं भाजपा के कद्दावर नेता घनश्याम तिवाड़ी और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा की।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Feb 26, 2022

ये मुलाकात एक बहाना है...घनश्याम तिवाड़ी से मिलने पहुंचे किरोड़ी लाल मीणा

ये मुलाकात एक बहाना है...घनश्याम तिवाड़ी से मिलने पहुंचे किरोड़ी लाल मीणा

जयपुर में शनिवार को दो संघनिष्ठ मित्रों का मिलन हुआ। कभी भाजपा की धुरी इन नेताओं के ईर्द—गिर्द ही घूमा करती थी। लेकिन समय चक्र बदला और दोनों ने ही भाजपा छोड़कर नई पार्टी बना ली। मगर समय फिर बदला और दोनों की भाजपा में री—एंट्री हुई। जी हां... हम बात कर रहे हैं भाजपा के कद्दावर नेता घनश्याम तिवाड़ी और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा की।

मीणा और तिवाड़ी दोनों गहरे दोस्त हैं। किरोड़ी शनिवार को तिवाड़ी के आवास पहुंचे और चाय की चुस्कियों के साथ लंबा वार्तालाप किया। वार्ता क्या हुई...किसी को नहीं पता। मगर यह मुलाकात सियासी मायने जरूर छोड़ गई। इन दिनों किरोड़ी एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में सरकार पर हमलावर हैं। रीट पेपर लीक मामले में उन्होंने सरकार को ऐसा घेरा कि रीट लेवल—2 परीक्षा को स्थगित करना पड़ा। अब भी किरोड़ी पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं।

घनश्याम तिवाड़ी की बात की जाए तो वो एक बार फिर अपने क्षेत्र सांगानेर में सक्रिय नजर आ रहे हैं। पुराने कार्यकर्ताओं और नजदीकियों से मुलाकात का दौर जारी है। ताकि विधानसभा चुनाव से पहले धरातल को मजबूत किया जा सके। तिवाड़ी से किरोड़ी ही नहीं पिछले दिनों राज्यसभा सांसद ओम प्रकाश माथुर और प्रभारी अरुण सिंह ने भी मुलाकात की थी। आपको बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में घनश्याम तिवाड़ी ने भाजपा क दामन छोड़कर भारत वाहिनी पार्टी बना ली थी। वहीं किरोड़ी भी भाजपा से अलग होकर राजपा से चुनाव लड़ा था। मगर राष्ट्रीय नेतृत्व के कहने पर वापस वो भाजपा में आए। जिसके बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा सांसद बना दिया।

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