जयपुर। राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने पेपरलीक मामले में एक और बड़ा खुलासा किया है। मीणा ने दावा किया कि ऑफलाइन भर्ती परीक्षा से दस गुना ज्यादा धांधली ऑन लाइन भर्ती में है। पेपरलीक का मुख्य आरोपी सुरेश ढाका ऑफ लाइन के साथ ऑनलाइन भर्ती धांधली का भी मुख्य सरगना है। सांसद मीणा ने आरोप लगाया कि सुरेश ढाका के सीएमओ में रहे एक आईएएस के संबंध हैं, वहीं सीएम के एक ओएसडी के भी आरोपियों से नजदीकी रिश्ते हैं। दूसरी ओर एसओजी जांच अधिकारी ही आरोपियों से मिले हुए हैं। यदि एसओजी ऑन लाइन पेपर लीक में ढाका को पकड़ लेती तो ऑफ लाइन पेपर लीक नहीं होता। मीणा ने कहा कि सरकार सीबीआई की जांच की मांग पूरी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वह अब 19 जनवरी को दौसा से हजारों युवाओं के साथ जयपुर कूच करेंगे और जब तक मांग पूरी नहीं होती सीएम आवास पर अनिश्चितकालीन धरने पर रहेंगे। शुक्रवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने ऑफलाइन के बाद अब ऑफलाइन परीक्षा पर सवाल खड़े किए और कहा कि राजस्थान में पेपर लीक के मुख्य सरगना सुरेश ढाका के तार मुख्यमंत्री आवास तक जुड़े हुए हैं। ढाका ने अपने रिश्तेदार के जरिए एक दर्जन से ज्यादा भर्तियों को हैक कर पेपर लीक किए हैं । इतना ही नहीं ऑनलाइन परीक्षा के सेंटर पर भी इन्होंने अपने प्रभाव से पेपरों में गड़बड़ी की है। सांसद मीणा ने कहा कि सुरेश ढाका ऑनलाइन परीक्षाओं का भी मास्टरमाइंड है। महेंद्र बिश्नोई आईटी का एक्सपर्ट है जिसने गुडग़ांव से ट्रेनिंग ली थी। महेंद्र बिश्नोई ने यूथ कांग्रेस के चुनावों में भी धांधली की थी। टीसीएस कम्पनी के डायरेक्टर भुवनेश भार्गव से सीधे सम्बन्ध रखकर परीक्षाओं में चीटिंग कराई गई। मीणा ने कहा कि आईबीपीएस के जरिए विद्युत विभाग की परीक्षा का पेपर लीक कराया। उन्होंने कहा कि 53 लोग ऑनलाइन परीक्षा में गलत तरीके से पास हुए उन पर कार्रवाई की जाए।
एसओजी ने नहीं की सही से जांच
मीणा ने कहा कि अगर एसओजी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा लीक की जांच सही ढंग से करती तो वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा का पेपर लीक नहीं होता। कांस्टेबल भर्ती लीक मामले में ऑनलाइन परीक्षा कराने वाली कम्पनी के हैड भुवनेश भार्गव से एसओजी कठोरता से पूछताछ करती तो सुरेश ढाका का नाम उसी समय सामने आ जाता। मीणा ने आरोप लगाया कि एसओजी के सीआई ने 50 लाख रुपए लेकर ढाका का नाम निकाल दिया, वहीं ग्राम विकास अधिकारी पेपर लीक मामले में भी यही किया गया। सीआई के भूपेंद्र की गर्ल फ्रेंड के पास आवाजाही थी। सुरेश ढाका की गर्ल फ्रेंड को पुलिस पकड़ ले तो पेपर लीक के कई राज खुलेंगे। इसी तरह उदाराम की गर्लफ्रेंड पार्वती उर्फ द्रोपदी को भी बचा लिया गया। मीणा ने आरोप लगाया कि सुरेश ढाका और अन्य आरोपियों को बचाने में कई राजनेताओं का हाथ है।
मंत्री सुखराम विश्रोई का पीए सहित6 विधायक ढाका के साथ लिप्त
मीणा ने कहा कि 6 विधायक भी ढाका के साथ पेपर लीक में लिप्त हैं, वहीं एक मंत्री एक पूर्व विधायक ,मंत्री सुखराम विश्नोई के पीए मनोहर विश्नोई, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आरपीएससी के 2018 के बाद जितने भी पेपर हुए हैं वो सभी लीक हुए हैं। आरपीएससी में बैठा एक व्यक्ति लगातार यह काम कर रहा है। आने वाली परीक्षाओं में भी पेपर लीक करेगा।