
जयपुर।
केंद्रीय कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन को आज 7 महीने पूरे हो गए हैं। लेकिन अब तक इन कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है। किसान आंदोलन के क्रम में आज देश भर में गवर्नर हाउस का घेराव कर विरोध ज़ाहिर किया गया। इसी के तहत राजस्थान के गवर्नर हाउस का घेराव करने के लिए भी किसान प्रतिनिधि और अन्य संगठन के कार्यकर्ता राजधानी जयपुर में एकजुट हुए।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हुए इस विरोध-प्रदर्शन के कार्यक्रम को "खेती बचाओ लोकतंत्र बचाओ" आंदोलन का नाम दिया गया। इसमें शामिल होने के लिए विभिन्न ज़िलों से किसान शहीद स्मारक पर एकजुट हुए जिसके बाद राजभवन कूच के लिए पैदल मार्च निकाला गया। इसके बाद राज्यपाल के प्रतिनिधि को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की
प्रदर्शनकारी किसानों का सिविल लाइंस फाटक पर पहुँचने के बाद पुलिस से आमना-सामना हुआ। प्रदर्शनकारियों ने राजभवन जाने की ज़ोर-आज़माइश की तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने भी पूरा ज़ोर लगा दिया। इस बीच दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
जानकारी के अनुसार राजभवन घेराव कार्यक्रम में शाहजहांपुर-खेड़ा बॉर्डर के पड़ाव में शामिल किसान प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शन में किसान नेता कॉमरेड अमराराम, हिम्मत सिंह गुर्जर, युवा किसान नेता विक्रम मीणा सहित विभिन्न किसान संगठनों के अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। किसान आंदोलन को कई अन्य संगठनों का भी समर्थन रहा।
Published on:
26 Jun 2021 02:04 pm

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