जयपुर/कोटा। रेलवे की ओर से यात्री आय के अलावा आय के अन्य विकल्प खोजने के लिए यात्रियों में ही ग्राहकों की तलाश शुरू की गई है। जब यात्री ट्रेन में सफर करता है तो किराए के अलावा खान—पान पर भी यात्रा खर्च करता है। ऐसे में रेलवे बाजार में मिलने वाली अन्य सुविधाएं देकर और वस्तुएं बेचकर आय बढ़ाना चाहती है। रेलवे ने यह योजना छह माह पहले बनाई थी। कोटा मंडल में इस योजना को नए साल के पहले माह में ही मूर्तरूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दरअसल रेलवे धीरे-धीरे हवाई अड्डे की तर्ज पर कई सुविधाएं स्टेशन पर ही उपलब्ध कराएगा। ट्रेन से सफर करने वाले यात्री निकट भविष्य में स्टेशनों पर थकान मिटाने के लिए पैरों की मसाज की सुविधा ले सकेंगे। वहीं खाने-पीने की चीजों के लिए चलते-फिर फूड कोर्ट भी स्टेशनों पर नजर आएंगे। चलती ट्रेनों में यात्रियों को शॉपिंग करने का भी मौका देने की कार्य योजना पर भी रेलवे कार्य कर रहा है। ऐसे में रेलवे अब यात्री और मालभाड़े से होने वाली आय पर ही निर्भर नहीं रहेगा। आय बढ़ाने के लिए रेलवे ने रेलवे बोर्ड की नई योजना के अनुसार गैर किराया राजस्व स्रोत विकसित किए जाएंगे। इसके लिए रेलवे ने आमजन के सुझावों को शामिल करते हुए ‘न्यू इनोवेटिव नॉन फेयर रेवेन्यू आइडिया स्कीम’ बनाई है। इसके तहत रेलवे की ओर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए स्टेशन परिसर में ही कई नई सुविधाएं दी जाएंगी।