
Krishna Janmashtami जयपुर। 26 अगस्त को भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश के मंदिरों में मनाया जाएगा। इस विशेष दिन को लेकर विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर में भी भव्य तैयारियों को अंतिम रुप दिया जा रहा है। खाटूश्याम जी के दरबार में इस दिन विशेष आयोजन किए जाएंगे। भक्त दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत दूर-दराज से खाटूश्याम जी पहुंचकर रातभर भगवान श्री कृष्ण और बाबा श्याम का कीर्तन करेंगे, जिससे मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो जाएगा।
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बाबा श्याम का मंदिर रात 10 बजे के बाद बंद हो जाएगा। इसके बाद बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और मध्य रात्रि 12 बजे मंदिर खुलेगा। लखदातार का पंचामृत से स्नान के पश्चात रात्रि 12 बजे कृष्ण जन्म पर बाबा श्याम की विशेष आरती के साथ भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा और पंजीरी, फलों और चरणामृत वितरित किया जाएगा।
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर खाटूश्याम मंदिर में भक्तों की संख्या कई गुना तक बढ़ जाती है। बाबा श्याम को कृष्ण का स्वरूप माने जाने के कारण हर साल इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करने के लिए आते हैं।
श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि वर्ष में दो बार लखदातार की महाआरती होती है। पहली मुख्य आरती बाबा श्याम के जन्मोत्सव पर और दूसरी महा आरती सृष्टि के रचयिता भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर होती है। यही दो मौके ऐसे होते हैं, जब रात 12:00 बजे बाबा श्याम का तिलक और श्रृंगार किया जाता है और उसके बाद भक्तों के लिए मंदिर खोला जाता है।
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बाबा श्याम को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। इसके अलावा श्याम भक्तों को भगवान श्री कृष्ण के प्रतिरूप बाबा श्याम का पंचामृत और पंजीरी का प्रसाद के रूप में वितरण होगा। भक्तों के लिए कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर खाटूश्याम जी मंदिर में पंजीरी और पंचामृत बाबा श्याम के आशीर्वाद जैसा है।
Updated on:
24 Aug 2024, 3:10 PM IST
Published on:
24 Aug 2024, 12:15 PM IST
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