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खुशखबरी! राजस्थान में मजदूरों को मिलेंगे प्रतिदिन 225 की जगह 300 रुपए—श्रम विभाग की बड़ी घोषणा

खुशखबरी! राजस्थान में मजदूरों को मिलेंगे प्रतिदिन 225 की जगह 300 रुपए—श्रम विभाग की बड़ी घोषणा

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खुशखबरी! राजस्थान में मजदूरों को मिलेंगे प्रतिदिन 225 की जगह 300 रुपए—श्रम विभाग की बड़ी घोषणा

खुशखबरी! राजस्थान में मजदूरों को मिलेंगे प्रतिदिन 225 की जगह 300 रुपए—श्रम विभाग की बड़ी घोषणा

जयपुर।

राजस्थान में भी पड़ौसी राज्यों की तरह श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी अन्य राज्यों की तरह करने की तैयारी की जा रही है। इस संबध में प्रदेश का श्रम विभाग बड़ी तैयारी कर रहा है।
श्रम विभाग के शासन सचिव नीरज कुमार पवन ने बताया कि राज्य में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों के बराबर करते हुए 300 रुपए से अधिक करने की कार्यवाही आरम्भ करें। पवन सोमवार को राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित न्यूनतम मजदूरी सलाहकार मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे।

बैठक में विचार-विमर्श के पश्चात सलाहकार मण्डल के अध्यक्ष डॉ. पवन ने कहा कि राजस्थान में न्यूनतम मजदूरी की दरों को पड़ौसी राज्यों हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात आदि के समतुल्य बनाने की कार्यवाही आरम्भ करें। नेशनल कैपीटल रीजन (एनसीआर) में शामिल भरतपुर तथा अलवर जिलों के लिए अलग दरें निर्धारित की जाएं। उन्होंने कहा कि 6 मार्च 2019 को जारी अधिसूचना में अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी 225 रुपए प्रतिदिन प्रस्तावित की गई है जिसे बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन निर्धारित करने की कार्यवाही प्रारम्भ करें। इस अधिसूचना में प्रत्येक श्रेणी के लिये आनुपातिक रूप से परिवर्तन करने के पश्चात नई दरों को भी अधिसूचना में दी गई तारीख एक मई 2019 से ही लागू किया जाएं। उन्होंने कहा कि अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रमिकों के लिये लागू अधिसूचना में यदि किसी श्रमिक की श्रेणी को सम्मिलित नहीं किया गया है तो उसका परीक्षण कर ऎसे श्रमिकों को भी सम्मिलित करें।

शासन सचिव ने बैठक में उपस्थित नियोक्ताओं के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि यदि श्रमिकों से ओवरटाईम कराया जाता है तो नियमानुसार दोगुनी दर से उसका भुगतान करना चाहिए।

श्रम आयुक्त प्रतीक झाझड़िया ने श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि ओवरटाईम के सम्बन्ध में कोई उल्लंघन उनके ध्यान में आता है तो उसे विभाग के संज्ञान में लाएं। ऎसे मामलों में श्रम विभाग की ओर से कड़ाई से पालना कराई जाएगी। श्रम आयुक्त ने आश्वस्त किया कि बैठक में बनी सहमति और निर्देशों को सरकार के ध्यान में लाया जाएगा और उन पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। मण्डल के पुनर्गठन के पश्चात आयोजित पहली बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।