
ग्राउण्ड िरपोर्ट ...................
कुड़गांव. कस्बे में पशुपालकों के पशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में नए पशु चिकित्सालय भवन के लिए भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में पशु चिकित्सालय आज भी छोटे से कमरे में संचालित हो रहा है, जहां पर्याप्त स्थान और मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कस्बे के पशु चिकित्सालय को ए श्रेणी में क्रमोन्नत तो कर दिया गया, लेकिन उसके अनुरूप न तो स्टाफ की नियुक्ति हुई और न ही सुविधाएं बढ़ाई गईं। इससे चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। क्षेत्रीय विधायक हंसराज मीणा को भी इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। अस्पताल में एक चिकित्सक, कंपाउंडर और अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन जगह कम होने के कारण बड़े पशुओं का उपचार बरामदे में करना पड़ता है।
टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं
नए भवन के लिए गंगापुर-करौली मार्ग के समीप भूमि आवंटित की जा चुकी है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं होने से निर्माण कार्य अटका हुआ है। अस्पताल कर्मियों के अनुसार निर्माण के लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजे जा चुके हैं। यहां प्रतिदिन 40 से 50 पशुओं का उपचार किया जाता है, लेकिन जगह की कमी के कारण गंभीर मामलों को रेफर करना पड़ता है। कुड़गांव क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों के पशुपालकों ने नए भवन का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में डेयरी और पशुपालन आजीविका का प्रमुख साधन है। पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण उन्हें पशुओं का इलाज के लिए करौली और गंगापुर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
इनका कहना है
नए भवन के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है। निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है और भवन निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. विनोद, पशु चिकित्सालय प्रभारी
Updated on:
24 Jul 2026 06:02 am
Published on:
24 Jul 2026 06:02 am
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