
जयपुर. राज्य सरकार ने प्रदेश के निकाय क्षेत्रों में स्थित भू-खण्ड और भवनों की सम्पूर्ण बकाया गृहकर और नगरीय विकास कर एकमुश्त जमा कराने पर छूट की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक उज्जवल राठौड़ ने बताया कि बकाया मूल गृहकर की राशि पर 50 प्रतिशत की छूट और जुर्माने पर शत प्रतिशत छूट दी जाएगी।
उन्होनें बताया कि वर्ष 2019-20 तक का एकमुश्त नगरीय विकास कर राशि जमा कराने पर ब्याज व जुर्माने की राशि पर शत प्रतिशत छूट दी जाएगी। जिन प्रकरणों में वर्ष 2011-12 का नगरीय विकास कर बकाया है। उन प्रकरणों में एक मुश्त जमा कराने पर उस अवधि के नगरीय विकास कर में ब्याज पैनल्अी की छूट के साथ-साथ मूल बकाया में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है।
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नगरीय निकायों का सर्वाधिक पैसा नगरीय विकास कर और गृहकर से ही आता है। सरकार ने छूट देकर बकाएदारों को भुगतान करने के लिए प्रेरित किया है। लम्बे समय बाद इतनी बड़े स्तर पर छूट का प्रावधान किया गया है। नगरीय विकास कर से आने वाले पैसे से ही स्थानीय निकाय शहर में विकास कार्य करा पाता है। नई सड़कों से लेकर पुरानी सड़कों की मरम्मत, पार्कों का सौंदर्यीकरण सहित अन्य विकास कार्य में ये पैसा खर्च होता है। ऐसे में लोगों को तय समय पर कर जमा करना चाहिए।
Published on:
08 Jan 2020 08:55 pm
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