
फाइल फोटो
फसल खराबे के कारण नींबू और आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। एक तरफ जहां नींबू आमजन की जेब निचोड़ रहा है वहीं इस बार तो आम की मिठास भी खास हो गई है। जानकारों के अनुसार खुदरा बाजार में नींबू की कीमतें 400 रुपए प्रति किलो तक जा पहुंची हैं। अनुमान लगाया जा रहा था कि मई के मध्य तक नई फसल आ जाने के बाद ही नींबू की कीमतों में गिरावट आ सकती है। दूसरी ओर कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि मार्च में तेजी से बढ़े तापमान के कारण नई फसल में भी एक तिहाई से ज्यादा खराब हो सकती है। इस कारण नींबू की कीमतों में कमी आने की आशंका हैं। इसी तरह तापमान बढऩे के कारण आम के पेड़ों पर भी बहुत कम बौर (मंजरी) लगे हैं, जिन पेड़ों पर बौर लगे हैं, उनके भी गिरने की खबरें ज्यादा आ रही हैं। इससे आम की फसल के उत्पादन में भी गिरावट की आशंका है। यानी इस वर्ष नींबू की तरह आम भी आम आदमी की पहुंच से बाहर रह सकता है।
आंधी-बारिश ने पहुंचाया नुकसान
समय से पहले तेज गर्मी और कुछ राज्यों में आंधी के साथ बेमौसम बारिश ने आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। इसके कारण हापुस, दशहरी और केसर की पैदावार आधी रह गई है। सीजन के शुरुआती दौर में इसके संकेत मिलने लगे थे। आवक बेहद कम है, लिहाजा दाम पिछले साल से करीब डेढ़ गुना हैं।
उन्नत प्रजातियों का निर्यात
यहां देसी के अलावा चौसा, लंगड़ा, दशहरी, फजलीह, बाम्बेग्रीन जैसी उन्नत प्रजातियों के आम का भी अच्छा उत्पादन होता है। देसी आम स्थानीय बाजार में खप जाते हैं। वहीं उन्नत प्रजाति के आम को रायपुर, बिलासपुर, झारस़ुगड़ा, खरसिया सहित जगह अन्य जगहों से निर्यात किया जाता है। इन स्थानों पर यहां के आम की अच्छी मांग रहती है।
Published on:
27 Apr 2022 02:28 pm
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