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आपकी बात: नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम कसने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?

पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं, प्रस्तुत है पाठकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

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जयपुर

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Opinion Desk

Jan 15, 2026

स्थानीय स्तर के कारोबार पर रोक लगें
नशे की समस्या पर काबू पाने के लिए प्रशासन को सख्ती से काम करना होगा। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी रोकनी होगी। स्थानीय स्तर पर चल रहे अवैध कारोबार पर रोक लगे। सबसे जरूरी बात यह है कि लोगों को अपने स्तर पर जागरूक रहना होगा और दूसरों को भी बताना होगा कि नशा कितना खतरनाक है। खासकर बच्चे और युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। देश की पूरी युवा पीढ़ी नशे की लत से ग्रस्त है। उसकी ऊर्जा को देश के सकारात्मक विकास की ओर ले जाया जा सकता है जो लोग नशे से छुटकारा पाना चाहते हैं उनके लिए नशा मुक्ति केंद्र और सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं उपलब्ध हैं। - लता अग्रवाल, चित्तौड़गढ़

तकनीक से निगरानी करनी होगी
नशे के कारोबार को रोकने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा। कानून सख्त होने चाहिए और जो लोग नशे का कारोबार करते हैं उनकी अवैध संपत्ति जब्त की जानी चाहिए। सीमाओं पर ड्रोन और सेंसर लगाकर निगरानी बढ़ानी होगी। आजकल इंटरनेट के जरिए भी नशे का कारोबार हो रहा है। साइबर सेल को इस पर नजर रखनी चाहिए और कूरियर सेवाओं की भी जांच होनी चाहिए। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को नशे के नुकसान और कानूनी जानकारी के बारे में पढ़ाने के लिए उनके पाठ्यक्रम में एक अध्याय शामिल किया जाए। गांवों और मोहल्लों में नशा मुक्त भारत अभियान चलाना चाहिए। जो लोग नशे से बाहर आ चुके हैं उन्हें रोजगार देना चाहिए ताकि वे दोबारा इस रास्ते पर न जाएं। - जमील खान मकरानी, उदयपुर

कारोबारियों की संपत्ति जब्त करें
नशे का बढ़ता कारोबार आज समाज और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। सीमावर्ती इलाकों से लेकर शहरों तक अलग अलग तरह के नशीले पदार्थ पहुंच रहे हैं और युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। इस पर काबू पाने के लिए तस्करी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सीमाओं पर आधुनिक तकनीक से निगरानी बढ़ानी होगी। नशे का धंधा करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और उनकी संपत्ति जब्त होनी चाहिए। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी शिक्षा, खेल गतिविधियां और रोजगार के अवसर बढ़ाकर युवाओं को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत बनाना होगा और मानसिक स्वास्थ्य की सेवाएं बढ़ानी होंगी। दवाओं की दुकानों और ऑनलाइन बिक्री पर सख्त नजर रखनी होगी। सामाजिक संस्थाओं, पंचायतों की भागीदारी और जागरूकता अभियानों के जरिए मांग को कम किए बिना यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती। - राकेश खुडिया, श्रीगंगानगर

सरकार और समाज दोनों साथ काम करें
स्कूल, कॉलेज के बाहर चाय की थड़ियो पर कम उम्र के लड़के लड़कियों को नशे का आदी बनाया जा रहा हैं। युवाओं में नशा करना एक स्टेटस सिंबल बनकर उभर रहा हैं इसलिए आवश्यक है कि घर परिवार के लोग अपने बच्चों पर नजर रखें। आस-पास चल रहे नशे के लेनदेन के बारे में समय रहते नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। नशा सारे अपराधों की जड़ हैं। नशे के कारोबार में ज्यादा मुनाफा होने के कारण लोग तस्करों की संपत्ति को देेखकर भी नशे के कारोबार में शामिल होने का प्रयास करते हैं। अतः सरकार द्वारा इस कठोर नियंत्रण एवं समाज के द्वारा नशा रोकथाम जरुरी है। - अशोक चौधरी, जोधपुर

कानून को और सख्त बनाएं
नशे के बढ़ते कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कानूनों को और सख्त बनाना जरूरी है। तस्करों और गिरोहों पर त्वरित व सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सीमाओं पर आधुनिक तकनीक से निगरानी की जानी चाहिए। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को नशे के खिलाफ शिक्षा देनी होगी। युवाओं में जागरूकता फैलानी होगी। नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए। परिवार और समाज को भी इसमे सक्रिय भूमिका निभानी होगी। - इशिता पाण्डेय, कोटा

नशे की मांग और वितरम पर लगाम लगे
नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम लगाने के लिए मांग और वितरण पर लगाम जरूरी है। वहीं सख्त कानून और उनके प्रवर्तन से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सीमा पर निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और खुफिया एजेंसियों की मजबूती, जागरूकता अभियान तथा नशे का अवैध कारोबार करने वालों की धरपकड़ के लिए पुलिस द्वारा देशव्यापी अभियान चलाया जाए। नशे से होने वाले नुकसान के लिए स्कूल व कॉलेजों में बच्चों को जागरूक करना चाहिए। समाज, सरकार व आम जन का सामूहिक दायित्व ही नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम कसने में सहायक हो सकेंगा। - शिवजी लाल मीना, जयपुर

नशा विरोधी शिक्षा पर जोर दें
नशे के बढ़ते कारोबार में रोक लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एव राज्य की सीमाओं पर नए डिजिटल तकनीक ड्रोन एवं स्कैनर से निगरानी रखी जाए। स्कूल एवं कॉलेज स्तर पर नशा विरोधी शिक्षा पर जोर दिया जाए। नशा मुक्ति अभियान संचालन एवं पुनर्वास केंद्र की अवधारणा पर जोर दिया जाए। - सतीश उपाध्याय, मनेद्रगढ़

समाज में नशे की मनुहार बंद करें
नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए सभी लोगों को मिलकर काम करने की जरूरत है, सबसे ज्यााद जरूरी है कि सामाजिक कार्यों में नशे की मान मनुहार को बंद करना होगा। प्रशासन को मुहिम चलाकर नशे के सौदागरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि नशे के कारोबार पर लगाम लगाई जा सके। - हमीर लवारन, जोधपुर

विभाग तक सूचनाएं पहुंचाएं
नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन कों ईमानदारी से शिंकजा कसना होगा। साथ ही इस कारोबार कों जन सहयोग से भी रोका जा सकता है। गांव, मोहल्ले, कस्बों में चलते नशे के कारोबार को वहां के रहवासी कों अनदेखा नहीं करना चाहिए और सम्बंधित विभाग कों सूचित करना चाहिए। प्रशासन भी कड़ी निगरानी रखें तों फैलते करोबार कों रोका जा सकता है। - हुकुम सिंह पंवार, इंदौर

नशा मुक्ति केंद्र जाकर देखें
समाज का जो युवा वर्ग आजकल नशे का आदी हो रहा है, उसको एक बार नशा मुक्ति केंद्र जाकर देखना चाहिए कि नशा करने से लोगों की जिंदगी कितनी खराब हो चुकी है। कितनी ही जानलेवा बीमारियों से ग्रसित ये लोग अपने घर परिवार से दूर रहने पर मजबूूर है। इसके साथ ही माता–पिता भी अपने बच्चों पर नजर रखें कि वे कहां से आ रहे हैं, कहां जा रहे हैं, किसके साथ वे समय व्यतीत कर रहे हैं। ताकि बच्चे थोड़ी सी भी राह भटके तो उन्हें तुरंत समझाया जा सके। - प्रियव्रत चारण, जोधपुर

नशामुक्ति केंद्रों का विस्तार क
नशे के बढ़ते कारोबार पर रोक लगाने के लिए सरकार को सख्त कानून लागू करने, तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने और सीमाओं की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही युवाओं में जागरूकता अभियान, शिक्षा, रोजगार के अवसर, नशामुक्ति केंद्रों का विस्तार तथा परिवार और समाज की सक्रिय भूमिका भी बेहद जरूरी है। कीर्तिराज सिंह सोनगरा, प्रतापगढ़