
वेदों के माध्यम से व्यक्ति कर सकता है अपना सर्वांगीण विकास: कोठारी
पत्रिका @ पेजारो (इटली). लिब्रा यूनिवर्सिटा ओकिडो मिक्यो योगा का अंतरराष्ट्रीय समर कैम्प इटली के पेजारो शहर में शुरू हुआ। यह शिविर यूनिवर्सिटी के मानद अध्यक्ष एवं राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी के सान्निध्य में प्रारंभ हुआ। इस दौरान जापानी गुरु आचार्य यूजी याहिरो ने पिछले 49 दिनों से चल रहा अपना उपवास भी तोड़ा।
कोठारी ने अपने उद्बोधन में वेदों के बारे में विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्राचीनतम ग्रंथ वेद हैं और वेदों के माध्यम से ही व्यक्ति अपना सर्वांगीण विकास कर सकता है। विश्व आज पुन: भारतीय संस्कृति की तरफ देख रहा है। योग की जननी भी भारत भूमि रही है। आधुनिक चिकित्सीय उपचार के बाद भी व्यक्ति यौगिक आधार पर जीवनपर्यंत शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज परिवार इसलिए टूट रहे हैं, क्योंकि व्यक्ति केवल अपनी ही सोचता है। आज की शिक्षा पद्धति अपूर्ण है। यह व्यक्ति को केवल मशीनी मानव बना रही है। व्यक्ति भावना शून्य होता जा रहा है। कोठारी ने जीवन के चार आश्रम ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास आश्रम के बारे में भी शिविरार्थियों को बताया।
इस शिविर में यूके, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, जापान, हॉलैंड आदि देशों के शिविरार्थी भाग ले रहे हैं। कोठारी के भारतीय संस्कृति, परिवार प्रथा, वैदिक जीवन पद्धति आदि विषयों को लेकर अलग-अलग जगहों पर व्याख्यान रखे गए हैं। जिनमें अंकोना, कोलबोरदोलो, फुर्ली, रिमीनी आदि शहर शामिल हैं।
आचार्य यूजी याहिरो ने कार्यक्रम में कोठारी की उपस्थिति को शिविरार्थियों के लिए बहुत बड़ा उपहार बताया। शिविर में ओकिडो इंडिया प्रमुख डॉ. प्रदीप भाटी भी प्रेक्षाध्यान एवं योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। शिविर में जापानी ड्रम ताइको का भी प्रदर्शन किया गया।
Published on:
26 Jul 2019 12:11 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
