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Lohri Festival 2023: गोकाष्ठ से प्रदूषण फ्री लोहड़ी, पेड़ बचाने का उठाया बीड़ा

Lohri Festival 2023: मकर संक्रांति के एक दिन पहले 13 जनवरी को लोहड़ी का त्योहार मनाया जाएगा। इस बार प्रदूषण फ्री लोहड़ी मनाई जाएगी। इसके लिए पंजाबी समाज ने करीब 400 पेड़ों को बचाने के साथ गोकाष्ठ से लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित करने का बीड़ा उठाया है।

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जयपुर। मकर संक्रांति के एक दिन पहले 13 जनवरी को लोहड़ी का त्योहार मनाया जाएगा। इस बार प्रदूषण फ्री लोहड़ी मनाई जाएगी। इसके लिए पंजाबी समाज ने करीब 400 पेड़ों को बचाने के साथ गोकाष्ठ से लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित करने का बीड़ा उठाया है। इसे लेकर पंजाबी महासभा ने अब तक 2 हजार 500 किलो गोकाष्ठ बेच दी है, वहीं लोहड़ी तक 10 हजार किलो गोकाष्ठ बिकने की उम्मीद हैं। हालांकि समाज इस राशि को गोशाला को दान करेगा। वहीं पर्यावरण बचाने में अहम भूमिका अदा करेगा।

शहर में लोहड़ी के त्योहार का उल्लास नजर आने लगा है। 13 जनवरी को पंजाबी समाज की ओर से घर—घर लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। वहीं मुख्य आयोजन राजापार्क में होगा, जहां समाज के लोग सामूहिक रूप से लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित करेंगे। हालांकि इस बार शहरभर में लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित करने में गोकाष्ठ का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए अब तक 2 हजार 500 किलो गोकाष्ठ बिक चुकी है। राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा की ओर से समाजबंधुओं को आर्य समाज राजापार्क में गोकाष्ठ उपलब्ध करवाई जा रही है। 5 से 20 किलो तक के गोकाष्ठ के पैकेट तैयार किए गए है। छोटा पैकेट 50 रुपए और बड़ा पैकेट 200 रुपए में दिया जा रहा है।

4 लाख लोग है जयपुर में पंजाबी समाज के
राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा के जिलाध्यक्ष रवि नैय्यर ने बताया कि जयपुर शहर में पंजाबी समाज के करीब 4 लाख लोग निवास कर रहे है। समाज के करीब सवा लाख परिवार है, जहां घर—घर सगुन के बतौर लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित की जाती है। घरों में 20 से 30 किलो लकड़ी काम में ली जाती है, जबकि सामूहिक रूप से लोहड़ी जलाने पर 5 से 6 क्वींटल तक लकड़ी काम में ली जाती है।

6 क्वींटल लकड़ी की जगह 150 किलो गोकाष्ठ लेंगे काम
राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा के जिलाध्यक्ष रवि नैय्यर ने बताया कि इस बार लोहड़ी जलाने के लिए लकड़ी के बजाय गोकाष्ठ का उपयोग किया जाएगा। शहर के गली—मोहल्लो के अलावा पिछले 30 साल से सबसे बड़ी लोहड़ी राजापार्क के मुख्य चौराहे पर जलाई जा रही है। हर बार 5 से 6 क्वींटल लकड़ी काम में ली जाती रही है। इस बार 150 किलो गोकाष्ठ से लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। इससे 400 पेड़ों को बचाने का संकल्प लिया है।

समाज को कर रहे जागरूक
जिलाध्यक्ष रवि नैय्यर ने बताया कि पंजाबी समाज की ओर से पेड़ों को बचाने और गोकाष्ठ से लोहड़ी मनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। गोकाष्ठ बेचने से जो राशि आएगी, वह गोशालाओं में सहयोग के रुप में भिजवाई जाएगी। इससे गोशालाएं आत्मनिर्भर हो सकेगी।

राजापार्क में भरेगा मेला
कोविड के दो साल बाद पहली बार राजापार्क में सामूहिक रूप लोहड़ी का त्योहार मनाया जाएगा, इस मौके पर लोहड़ी का मेला भी भरेगा। इसमें खान—पान के सभी आयटम सिर्फ 10—10 रुपए में मिलेंगे। वहीं पंजाब के सिंगर भंगडा और गिद्दा की प्रस्तुति देंगे।