Lok Sabha Elections 2024 : पीएम नरेन्द्र मोदी आज शुक्रवार को बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट के लिए विजय शंखनाद रैली को संबोधित करने के लिए बाड़मेर आने वाले हैं। इससे कुछ देर पूर्व ही कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल भाजपा में शामिल हो गए। मानवेंद्र सिंह जसोल कौन हैं जानिए।
Know Who is Manvendra Singh Jasol : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को बाड़मेर पहुंचेंगे, जहां वे बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से प्रत्याशी कैलाश चौधरी के समर्थन में विजय शंखनाद रैली को सम्बोधित करेंगे। इस से पूर्व ही कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल ने पीएम मोदी के आने से पूर्व ही भाजपा का हाथ थाम लिया। मानवेंद्र सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली है। उनकी 6 साल बाद घर वापसी हुई है। बताया जा रहा है कि मानवेंद्र सिंह कांग्रेस से विधानसभा चुनाव 2023 के वक्त से नाराज हैं। वह जैसलमेर से विधानसभा लड़ना चाहते थे। पर कांग्रेस ने उन्हें सिवाना सीट से टिकट दिया।
मानवेंद्र सिंह ने सिवाना से चुनाव लड़ा पर परिणाम मानवेंद्र सिंह के विपरीत आया। वे हार कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए। तब वह कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल होने की सोच रहे थे। मानवेंद्र सिंह जसोल कौन हैं जानिए।
जसवंत सिंह के पुत्र है मानवेंद्र सिंह जसोल
बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से पूर्व सांसद रहे मानवेंद्र सिंह जसोल भाजपा के दिग्गज, मशहूर नेता व भाजपा के संस्थापक सदस्य जसवंत सिंह जसोल के पुत्र हैं। वे अटल बिहारी वाजपेई सरकार में वित्त, विदेश और रक्षा मंत्री रहे हैं। मानवेंद्र सिंह जसोल ने 1999, 2004 और 2009 में भाजपा के टिकट पर बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। 2004 में जीतकर सांसद बने। फिर भाजपा की टिकट पर 2013 में शिव विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बने थे।
भाजपा से टिकट न मिलने से हुए थे नाराज
बताया जा रहा है कि जसवंत सिंह जसोल लोकसभा चुनाव 2014 में बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से टिकट चाह रहे थे पर भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। जिस वजह से जसवंत सिंह जसोल ने बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, पर भाजपा के कर्नल सोनाराम चौधरी से चुनाव हार गए। सोनाराम चौधरी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।
2018 में कर्नल मानवेंद्र सिंह ने भाजपा छोड़ा, कांग्रेस में गए
बाड़मेर जैसलमेर सहित मारवाड़ में भाजपा का मूल वोट बैंक राजपूत समाज माना जाता है। 2018 में कर्नल मानवेंद्र सिंह ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस ने झालरापाटन विधानसभा से मानवेंद्र सिंह जसोल को वसुंधरा राजे के सामने लड़ाया पर मानवेंद्र सिंह चुनाव हार गए। 2019 में बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से भाजपा के कैलाश चौधरी से चुनाव हार गए। फिर कांग्रेस की गहलोत सरकार में सैनिक कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद विधानसभा चुनाव 2023 में बाड़मेर की सिवाना सीट टिकट भी विधानसभा चुनाव हार गए।
मानवेंद्र सिंह जसोल की भाजपा में वापसी बड़ा कदम
बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से कैलाश चौधरी भाजपा के प्रत्याशी हैं। चर्चा में है कि इस क्षेत्र से राजपूत समाज भाजपा से नाराज है। राजपूत समाज का वोट बैंक निर्दलीय रविंद्र सिंह भाटी साथ जाता नजर आ रहा है। राजपूत समाज को साधने के लिए मानवेंद्र सिंह जसोल की भाजपा में वापसी एक बड़ा कदम होगी।