
Makar Sankranti 2024 : मकर संक्रांति पर रविवार को पतंगबाजी के दौरान 150 से ज्यादा लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचे। इनमें दो बच्चों की हालत गंभीर है। उन्हें ट्रोमा सेंटर के आइसीयू में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में चायनीज मांझे की चपेट में आए 50 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इनके अलावा 13 लोग पतंग उड़ाते समय छत से गिरकर चोटिल हो गए। इनमें से 11 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया जबकि आयुष (6) और रिद्धि (5) को आइसीयू में भर्ती किया गया। अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि दोनों बच्चों के सिर में गहरी चोट लगी है। उधर, कांवटिया अस्पताल में 50 लोग मांझे से घायल होकर व चोटिल होकर पहुंचे थे। उनमें एक बच्चा गंभीर बताया जा रहा है जिसे ट्रोमा सेंटर रैफर कर दिया गया था। जयपुरिया अस्पताल में मांझे से लहूलुहान होकर 35 लोग पहुंचे जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद वापस भेज दिया गया।
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वहीं धारदार मांझे ने 300 से ज्यादा पक्षियों को भी घायल कर दिया। उन्हें लहूलुहान हालत में विभिन्न स्थानों पर बने पक्षी चिकित्सा शिविरों में लाया गया। इसमें चील, मोर, कबूतर, उल्लू समेत विभिन्न प्रजातियों के पक्षी शामिल थे। कई पक्षियों के पंख, चोंच, आंख, पैर, गर्दन कट गई। ज्यादा रक्त बहने से कई पक्षियों की मौत भी हो गई। वन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक तंवर ने बताया कि अशोक विहार स्थित नर्सरी और चिडिय़ाघर में कैंप लगाया गया था। वहां 50 से ज्यादा पक्षी घायल अवस्था में पहुंचाए गए। इसके अलावा रक्षा फाउंडेशन एवं एचजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मालवीय नगर और जेएलएन मार्ग पर पक्षी चिकित्सा शिविर लगाया गया। इसमें 86 घायल पक्षी लाए गए। वैशाली नगर में होप एंड बियोंड संस्था व एंजल आइज फाउंडेशन की ओर से पक्षी चिकित्सा शिविर में 80 पक्षी लहूलुहान हालत में लाए गए।
Updated on:
15 Jan 2024 08:42 am
Published on:
15 Jan 2024 08:33 am
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