
मानसरोवर लूट : दिनभर हाथ पांव मारती रही पुलिस, नहीं लगा आरोपियों का कोई सुराग
देवेन्द्र शर्मा / जयपुर. मानसरोवर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की सास की हत्या और लूट के आरोपियों की तलाश में भले ही एटीएस, एसओजी और जयपुर कमिश्ररेट की अलग-अलग टीमें लगी हुई है, फिर भी पुलिस दूसरे दिन भी खाली हाथ ही रही। पूरे शहर में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चला रखा है, बावजूद हत्यारों के संबंध में कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है। जयपुर शहर ही नहीं दूसरे राज्यों में भी पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश के लिए भेजी गई है।
शहर भर में चल रहा सर्च
पुलिस की मानें तो शहर की विभिन्न कच्ची व खानाबदोश बस्तियों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है। शनिवार को ही बस्तियों में तलाश शुरू कर दी गई थी। वहीं कमिश्नरेट के चारों जिलों की पुलिस को अपने-अपने इलाके में बस्तियों पर निगरानी के लिए कहा गया है। दूसरी और मानसरोवर इलाके में बसी अधिकांश बस्तियों की पुलिस तलाश कर चुकी है, लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा है। इस दौरान पुलिस मानसरोवर, मुहाना, समुेरपुर, महेशनगर, सांगानेर के कई क्षेत्रों में घेराबंदी कर घर-घर सर्वे कर रही है। मकान में रहने वाले किराएदारों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस इन लोगों के मोबाइल नंबर, नाम नोट कर रही है। संदिग्ध लगने वाले लोगों के मोबाइल नम्बर ट्रैकिंग पर डाल रही है।
पारदी गैंग पर संदेह, बाहर भी भेजी टीमें
हत्या व लूट के पीछे पुलिस का संदेह पारदी गैंग पर है। आरोपियों ने कॉलोनी में आने के दौरान कपड़े उतारे दिए थे और कच्छा-बनियान में वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस टीमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में तलाश कर रही है।
प्रधान वाटिका तक दिखे फुटेज
हत्या के बाद बाहर मिली साइकिलों को चुराकर के तीनों बदमाश घटना स्थल से भाग गए थे। पुलिस ने आस-पास के रूट में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो प्रधान वाटिका न्यू सांगानेर रोड तक आरोपी दिखे हैं। वहीं पुलिस को एक साइकिल प्रधान वाटिका से दो सौ मीटर पहले और दूसरी दो किलोमीटर पहले मिली है। ऐसे में माना जा रहा है कि उन्होंने बाद में अपने रास्ते बदल लिए होंगे।
Published on:
16 Sept 2018 08:20 pm

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