
प्रतीकात्मक तस्वीर-एआई जेनरेटेड
अलवर: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) 2.0 के तहत अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में किए गए कार्यों से भूजल स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वाटरशेड विकास एवं मृदा संरक्षण विभाग द्वारा बीते दो वर्षों में बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए कई संरचनाएं बनाई गईं, जिनका सीधा फायदा अब ग्रामीणों और किसानों को मिल रहा है। लंबे समय से सूखे पड़े कुएं फिर से पानी से भरने लगे हैं और कई स्थानों पर बरसात के दिनों में पानी ओवरफ्लो तक हो रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में एनिकट, पक्के चेक डैम, मिनी परकोलेशन टैंक, अमृत सरोवर, जोहड़, रिचार्ज शाफ्ट, ईसीडी (इरोशन कंट्रोल डैम) और फार्म पॉन्ड जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। इन उपायों से बारिश का पानी जमीन में समाने लगा और भूजल का स्तर तेजी से ऊपर आया। जो कुएं लगभग 20 साल से सूखे थे, उनमें अब पानी भर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें पीने और सिंचाई के लिए करीब 10 फीट गहराई पर ही पानी मिल रहा है।
भूजल सर्वे विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में प्री-मानसून सर्वे के दौरान राजगढ़ उपखंड में भूजल स्तर 39.26 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं, पोस्ट-मानसून सर्वे में यह घटकर 18.87 मीटर रह गया, यानी करीब 20.39 मीटर का सुधार हुआ। छह ग्राम पंचायतों में तो पानी जमीन की सतह तक आ गया और कुछ जगहों पर ओवरफ्लो भी हुआ। हालांकि, एनिकट के पास कुछ खेतों में ज्यादा नमी के कारण खरीफ और रबी की फसल नहीं बोई जा सकी, लेकिन बाद में खेत सूखने पर किसानों ने गेहूं की बुवाई कर ली।
PMKSY 2.0 के वाटरशेड घटक के तहत वर्ष 2022 से साकट, बिगौटा, तोड़ा जयसिंहपुरा, नाथलवाड़ा और कुंडला राजपुरा बड़ा ग्राम पंचायतों के 22 गांवों में काम किया गया। करीब 5,032 हेक्टेयर क्षेत्र में रिज से वैली तक ट्रीटमेंट किया गया। किसानों ने योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है और कहा है कि इससे उनकी खेती और जीवन दोनों आसान हुए हैं।
Updated on:
30 Jan 2026 06:23 pm
Published on:
30 Jan 2026 06:23 pm
