जयपुर। कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार और आयुक्त कानाराम ने विभागीय अधिकारियों और जिला कलेक्टर्स के साथ रविवार को टोंक, बूंदी एवं कोटा जिले का दौरा कर बरसात से खराब हुई फसलों का जायजा लिया। उन्होंने कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में फसल खराबे की स्थिति की समीक्षा की और तुरंत सर्वे चालू कर शीघ्र कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला कलेक्टर डॉ.चिन्मई गोपाल के साथ टोंक जिले के मुंडिया, मेहंदवास और बंथली गांव में बरसात से खराब हुई बाजरा और अन्य फसलों का निरीक्षण किया और मेहंदवास सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय में कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नुकसान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन प्राप्त हुई करीब 52 हजार फसल खराबे की सूचनाओं का सर्वेक्षण करने के साथ किसानों से 72 घंटे में टोल फ्री नंबर, एप या लिखित में खराबे की सूचना दिलवाने, किसानों को प्राप्ति रसीद देने तथा राजस्व तथा कृषि विभाग एवं किसान के साथ संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी रबी फसलों की बुवाई के समय को देखते हुए नुकसान का सर्वे प्राथमिकता से तीन.चार दिन में पूरा करने के निर्देश दिए।
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कृषि विभाग के आला अधिकारियों ने बूंदी में जिला कलेक्टर डॉ. रवींद्र गोस्वामी के साथ जिले के तालाब गांव एवं गणेशपुरा क्षेत्र में धान एवं अन्य फसलों में हुए नुकसान का जायजा लिया और किसानों से चर्चा की। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और एसडीआरएफ के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
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कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार एवं आयुक्त कानाराम ने कोटा जिले के बडग़ांव का भ्रमण कर सोयाबीन और धान की फसल में हुए खराबे की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर ही बीमा कंपनी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह प्रभावित किसानों से 72 घंटे के अंदर ऑनलाइन फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करें। इसके साथ ही उन्होंने वीसी के माध्यम से संभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर वर्षा से हुए फसल खराबे के संदर्भ में विस्तृत जानकारी ली एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा.निर्देश दिए।