8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बागियों की घर वापसी पर मानवेंद्र सिंह ने उठाए सवाल, कहा- बड़ी जल्दी पूरा हो गया 6 साल का निष्कासन

कांग्रेस से बागी होकर सिवाना से चुनाव लड़ने वाले सुनील परिहार की गुरुवार को ही कांग्रेस में हुई थी वापसी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Firoz Khan Shaifi

•

Updated: 22 Mar 2024, 10:36 PM IST

manvendra_1.jpg

जयपुर। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर सिवाना से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले सुनील परिहार और शिव से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले फतेह खान की कांग्रेस में हुई घर वापसी पर पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह ने सवाल खड़े किए हैं। मानवेंद्र ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अपने नाराजगी जाहिर की ओर लिखा कि निष्कासन के बाद 6 वर्ष की अवधि काफी जल्दी पूरी हो गई। मानवेंद्र के इस ट्वीट के कई सियासी मायने भी निकल जा रहे हैं।

मानवेंद्र के सामने लड़ा था परिहार ने निर्दलीय चुनाव
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेहद करीबी माने जाने वाले सुनील परिहार ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर सिवाना सीट पर मानवेंद्र के खिलाफ चुनाव लड़ा था। त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा के उम्मीदवार हमीर सिंह भायल जीत गए थे और मानवेंद्र को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि तब पार्टी ने सुनील परिहार और फतेह खान को 6 वर्ष की अवधि के लिए निष्कासित कर दिया था लेकिन अब लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनका निष्कासन रद्द कर दिया गया है और उन्हें पार्टी में फिर से शामिल कर लिया गया।

साल 2018 में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे मानवेंद्र सिंह

पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह जसोल के पुत्र और बाड़मेर से सांसद रहे मानवेंद्र सिंह ने साल 2018 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था, जिसके बाद उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने झालरापाटन से टिकट दिया गया था लेकिन वे चुनाव हार गए थे। साल 2019 में भी मानवेंद्र को बाड़मेर-जैसलमेर सीट से टिकट दिया गया था लेकिन वहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद हाल ही में विधानसभा चुनाव में भी सिवाना सीट पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

वीडियो देखेंः- HC Rejects congress Petitions: कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका!अब कहां से लाएंगे पैसे, कैसे लड़ेगे चुनाव?