
जयपुर।
बाजार में मकर संक्रांति की रौनक देखते ही बन रही है। बच्चों से लेकर युवा वर्ग पतंग और मांझे की खरीदारी में व्यस्त दिख रहा है, वहीं महिलाएं इस दिन होने वाले दान-पुण्य के सामान की खरीदारी कर रही हैं। पतंग बाजार में सबसे ज्यादा रौनक दिख रही है। खरीदारी करने के लिए लोगों का घरों से निकलना शुरू गया है। शाम को बच्चों के साथ लोग खरीदारी कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से भी लोग खरीदारी करने परकोटा के त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार, पुरोहित जी का कटला, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार के कल्याण जी का रास्ता और खजाने वालों का रास्ता में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। वहीं वैशाली नगर, राजा पार्क, सोडाला, मानसरोवर के बाजार भी सीजनल दुकानों से गुलजार हो गए हैं।
बैलून की बिक्री सर्वाधिक
बैलून की बिक्री में सर्वाधिक इजाफा हुआ है। दुकानदारों की मानें तो पिछले साल की तुलना में इस बार डेढ़ गुना तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि इसकी कीमत में कोई इजाफा न होने से पतंग उड़ाने के शौकीन रात में उड़ाने के लिए बैलून खरीदकर ले जा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि आतिशबाजी के साथ आसमान में बैलून का नजारा गुलाबी नगरी में देखने लायक होता है।
कागज की पतंग ज्यादा बिक रही
पतंग विक्रेता संजय गोयल की मानें तो इस बार पॉलीथिन पतंगों की तुलना में कागज की पतंगों की बिक्री ज्यादा हो रही है। हालांकि कागज की पतंग की कीमत ज्यादा है, लेकिन पर्यावरण से प्रेम रखने वाले लोग कागज की पतंगों को ही खरीद रहे हैं। बच्चे भी पॉलीथिन की पतंगों से दूरी बना रहे हैं। एक रुपए से लेकर 20 रुपए तक की पतंगों की बिक्री बाजार में हो रही है।
खरीदी आतिशबाजी, डीजे भी करा लिया बुक
मकर संक्रांति को यादगार बनाने के लिए युवा वर्ग पूरी तरह से तैयार है। शाम को आतिशबाजी में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए पहले से ही आतिशबाजी की खरीदारी शुरू हो गई है। पटाखा विक्रेता रवि कुमार शर्मा ने बताया कि आसामान में जाने वाले पटाखों की मांग इन दिनों ज्यादा रहती है। वहीं बात डीजे की करें तो उसकी बुकिंग भी हो चुकी है। सुबह से लेकर शाम तक ये काटा वो मारा के शोर के साथ डीजे पर डांस भी करेंगे।
दान-पुण्य के सामान की खरीदारी
यह त्योहार भगवान सूर्य की आराधना का पर्व है। तीर्थों में स्नान के अलावा दान का भी महत्व है। इसी को ध्यान में रखते हुए बाजार में महिलाएं खरीदारी कर रही हैं। वैशाली नगर के व्यापारी अशोक अग्रवाल ने बताया कि कपड़ों में काले कम्बल, ब्लाउज, साड़ी से लेकर महिलाएं रूमाल तक खरीद रही हैं। 14 चीजों के कलपने का रिवाज है। अपनी राशि के अनुसार लोग दान करने की वस्तएं भी खरीद रहे हैं।
-२० रुपए में मिल रहा बैलून
पॉलीथिन की पतंग
100 रुपए से लेकर 150 रुपए प्रति सैकड़ा तक
कागज की पतंग
250 रुपए से लेकर 500 रुपए प्रति सैकड़ा तक
-20 रुपए तक की पतंगों की हो रही खरीदारी
मांझा
-250 रुपए से लेकर 250 रुपए कीमत है तीन गट्टा की कीमत
-500 रुपए से लेकर 800 रुपए है छह गट्टा की कीमत
Published on:
11 Jan 2018 05:46 pm

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