जयपुर. राज्य में सरकार बदलने के साथ ही ग्रेटर सरकार की मुखिया ने सफाई व्यवस्था पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। महापौर सौम्या गुर्जर औचक निरीक्षण पर निकलीं। बी टू बायपास से दौरा शुरू किया। जगह-जगह कचरे के ढेर दिखे। वायरलैस पर मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक (सीएसआइ) को कचरे के ढेर हटाने के निर्देश दिए। सवाई मानसिंह अस्पताल और जे के लोन अस्पताल के बाहर बुरे हालात देख महापौर नाराज हो गईं। व्यापारियों से लेकर थड़ी-ठेले वालों को समझाया। महापौर ने नाराज होकर कहा कि शहर को गंदा करोगे तो दुकानें नहीं रहेंगी। सीएसआइ भागचंद्र श्रीमाल को कचरा पात्र नहीं रखने वालों के खिलाफ मंगलवार से कार्रवाई के निर्देश दिए। महापौर की सख्ती के बाद कुछ व्यापारियों ने दुकानों के अंदर रखे कचरा पात्र बाहर रख दिए।
दरअसल, राज्य में कांग्रेस की सरकार होने से महापौर और अधिकारियों में बन नहीं रही थी। कुछ अधिकारी तो महापौर की बैठक से दूरी बना रहे थे। राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अधिकारी बैठकों से लेकर औचक निरीक्षण में भी दिखे।
महापौर ने समझाया, नहीं मानेंगे तो होगी कार्रवाई
व्यापारियों से: कचरा किसने फैलाया है? कचरा पात्र होना चाहिए। ध्यान रखें कि दुकान के सामने कोई कचरा न डाले।
थड़ी वालों से: आपके पास कचरा पात्र होना चाहिए। कचरा पात्र रखिए और लोगों से कचरा डालने के लिए भी कहें।
चाय की दुकान पर: आपका डस्टबिन कहां है? शहर को गंदा कर रहे हो?