
जयपुर।
उत्तर भारत में बुधवार सुबह अचानक से भूकंप के झटके महसूस हुए। जम्मू-कश्मीर और दिल्ली एनसीएआर के साथ ही राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किये गए। मिली जानकारी के अनुसार राजधानी जयपुर सहित जोधपुर , झुंझुनू और अन्य क्षेत्रों से भूकंप आने के समाचार मिले। जयपुर में भूकंप के झटके शिक्षा संकुल और मिनी सचिवालय में भी महसूस किए गए। दहशत में सभी अधिकारी-कर्मचारी बाहर निकल आये। वहीं झुंझुनूं में भी भूकंप के झटके महसूस हुए। दोपहर करीब 12.40 बजे पर झटके महसूस हुए।
राजधानी जयपुर में भी कुछ इलाकों से भूकंप के झटके महसूस किये जाने के समाचार मिले हैं। जानकारी के मुताबिक़ जहां-जहां भी भूकंप के झटके महसूस हुए वहां के लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर आ गए। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान बताया जा रहा है।
घनघनाने लगे फोन
जानकारी के मुताबिक़ राजस्थान में भूकंप के झटकों की खबर पूरे प्रदेश में अचानक से आग की तरफ फैलने लगी। इसके बाद लोग एक दूसरे से इस बारे में जानकारी लेने लगे।
ज़बरदस्त झटके खाने के लिए तैयार रहें, 2018 में यहां आएंगे विनाशकारी भूकंप
खबरें हैं कि साल 2018 भी एक बार फिर से दुनिया में जमकर तांडव मचाएगा। कहा जा रहा है कि 2018 में भूकंप कई लोगों की जानें ले सकता है। भूकंप की हलचलों पर करने वाली जियोलौजिकल सोसाइटी ऑफ अमरिका ने इस पूरे मामले में चेतावनी जारी की है।
जियोलौजिकल सोसाइटी के साइंटिस्टों ने कहा है कि पृथ्वी की हलचल में लगातार बदलाव आते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्पीड से पृथ्वी घूमती है, उसमें काफी चेंज आ रहे हैं। यही वजह है कि साल 2018 में भूकंप आ सकते हैं। जियोलौजिकल सोसाइटी की रिसर्च में उन इलाकों का पता नहीं चल पाया है, जहां 2018 में भूकंप आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
इतिहास गवाह है कि इस धरती पर जब-जब ज़लज़ला आया है, तब-तब लोगों ने अपने कई चाहने वालों को खो दिया है। चाहे वो 1556 का भूकंप हो या 2015 का, हज़ारों-लाखों लोगों ने अपनी जानें गंवाई हैं। ये लोग तो मरे ही लेकिन अपने पीछे इन्होंने न जाने कितने और लोगों को यूं ही छोड़ दिया जो आज मारे-मारे इस दुनिया में भटक रहे हैं।
आपको शायद अंदाज़ा भी लगा सकते कि भूकंप ज़्यादा से ज़्यादा कितने लोगों को मौत के घाट उतार सकता है। अब जो आंकड़े हम आपको बताने जा रहे हैं वो आपको बुरी तरह से झकझोर सकता है।
बता दें कि 1556 में चीन में आए इतिहास के सबसे खतरनाक भूकंप में करीब 8 लाख 30 हज़ार लोग मारे गए थे। इसके अलावा 2004 में आए हिंद महासागर में समुद्री भूकंप (सुनामी) ने करीब 2 लाख 80 हज़ार लोगों की जानें ली थी।
हाल की ही बात करें तो 2015 में आए भूकंप ने नेपाल में जमकर तांडव मचाया था। इश भूकंप ने नेपाल के साथ-साथ भारत को भी अपनी चपेट में लिया था। इस विनाशकारी भूकंप में 9100 लोगों की मौत हुई थी।
Updated on:
31 Jan 2018 01:31 pm
Published on:
31 Jan 2018 12:58 pm

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