
Corona : गांवों में MGNREGA श्रमिक वितरित करेंगे राशन सामग्री
सुरेंद्र बगवाड़ा, जयपुर
प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोये। इसके लिए राज्य सरकार और भामाशाह मिलकर भोजन की व्यवस्था कर रहे है। वहीं, ग्रामीणों क्षेत्रों में भी जिला प्रशासन लोगों की मदद के लिए सक्रिय है। अब एक अप्रैल से सभी राशन की दुकानों पर राशन सामग्री वितरण का कार्य शुरू हो रहा है। सामग्री लेने के लिए दुकानों ( rashan dukan ) पर भीड़ ना हो, इसके लिए जिला प्रशासन अब महात्मा गांधी नरेगा ( NREGA ) के श्रमिकों की मदद लेगा। हर गांव में करीब 10 मनरेगा श्रमिक स्वयं का संक्रमण से बचाव करते हुए सामग्री पहुंचाएंगे।
ओटीपी व रजिस्ट्रेशन से वितरण
राशन का वितरण पोश मशीन पर अंगूठा लगाकर नहीं किया जाएगा। आशंका है कि बार—बार बायोमेट्रिक करने से कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। इसके लिए अब राशन कार्डधारक के लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, उसी से वेरिफाई किया जाएगा। अगर मोबाइल बंद हो गया या नंबर बदल गया तो रजिस्टर में रजिस्ट्रेशन के जरिए सामग्री दी जाएगी।
वितरण का नहीं होगा अतिरिक्त भुगतान
मनरेगा जयपुर में एक्सईएन विजय प्रकाश जालुका ने बताया कि मनरेगा के श्रमिकों को सामग्री वितरण करने के लिए किसी भी तरह का अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्हें मददगार के रूप में हाथ बढकर जनहित में राज्य सरकार का सहयोग करना होगा। यह कार्य मनरेगा कार्यस्थल के बाद में किया जा सकता है। इस मामले में ग्रामीणों ने कहा कि अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलने से कोई श्रमिक घर—घर नहीं जाएगा। उन्हें या तो कार्यस्थल पर या फिर वितरण कार्य में ही लगाना चाहिए।
जरुरतमंदों की ऐसी होगी पहचान
इस राशन सामग्री के अलावा अन्य जरुरतमंदों को भी खाद्य सामग्री दी जाएगी। इसके लिए उपखंड अधिकारी स्तर पर ग्राम पंचायतों ( gram panchayat ) में ग्राम सेवक, पटवारी सर्वे करेंगे। डिमांड के अनुसार प्रशासन को सूचना देंगे। इसके बाद उन्हें प्रशासन और भामाशाहों के जरिए सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
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मनरेगा श्रमिकों के जरिए सामग्री वितरण कार्य के लिए ग्राम पंचायत कार्यालय तक सूचना दे दी गई है। हम चाहते है कि श्रमिक प्रशासन का सहयोग करें। — भारती दीक्षित, सीईओ, जिला परिषद जयपुर
Published on:
01 Apr 2020 04:28 pm
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